
संवाददाता इरफान कुरैशी,
राजधानी के पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की पश्चिम जोन अंतर्गत थाना कैसरबाग पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए क्षेत्र से ई-रिक्शा चोरी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने चोरी किया गया एक ई-रिक्शा भी शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त लखनऊ श्री अमरेंद्र कुमार सेंगरा, पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) तथा सहायक पुलिस आयुक्त कैसरबाग के कुशल निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अंजनी कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई।उच्चाधिकारियों के कड़े दिशा-निर्देशों पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कामयाबी मिली है।
मामले का विस्तृत विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि जून महीने की शुरुआत में वादी पवन कुमार सोनकर पुत्र पप्पू सोनकर, जो कि तकिया गणेशगंज, थाना नाका के निवासी हैं, उन्होंने थाना कैसरबाग में अपने ई-रिक्शा की चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा के तहत केस दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी थी। शनिवार को थाना कैसरबाग पुलिस को मुखबिर खास से एक पुख्ता और सटीक सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने गुरु गोविंद सिंह मार्ग स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पास घेराबंदी की और दोपहर के समय दो संदिग्धों को दबोच लिया। जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर चोरी गया ड्यूक ऑटो इंडिया मॉडल टायसन डीलक्स ई-रिक्शा बरामद किया गया, जिसका पंजीकरण संख्या यूपी बत्तीस आरएन अठासी सौ सरसठ है।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद कैफ उर्फ उल्ले पुत्र मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है, जो सालेहनगर, रुचि खंड, थाना आशियाना, लखनऊ के रहने वाले हैं। वहीं दूसरे अभियुक्त की पहचान प्रवेश यादव उर्फ राणा पुत्र स्वर्गीय श्री कृष्ण यादव के रूप में हुई है, जो गौसिया मस्जिद के पास, सेक्टर बाईस इंदिरा नगर, थाना गाजीपुर, लखनऊ के निवासी हैं। दोनों आरोपियों की उम्र करीब पच्चीस वर्ष है। पुलिस ने आरोपियों को उनके अपराध की धाराओं से अवगत कराते हुए हिरासत में लिया और मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी कर आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक अभिरक्षा हेतु प्रस्तुत करने की विधिक कार्रवाई पूरी की। आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
इस सफल और सराहनीय ऑपरेशन को अंजाम देने वाली थाना कैसरबाग की पुलिस टीम में उप-निरीक्षक सावंत कुमार, उप-निरीक्षक अरविन्द कुमार, उप-निरीक्षक श्री प्रशान्त कुमार और कांस्टेबल अनीश वर्मा शामिल रहे, जिनकी मुस्तैदी के कारण इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे भेजा जा सका।




