
संवाददाता इरफान कुरैशी,
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के थाना मड़ियांव पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नकली करेंसी जाली नोट के कारोबार में शामिल ₹25,000 के इनामी और शातिर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी गिरफ्तारी के डर से लगातार फरार चल रहा था।
यह गिरफ्तारी 12 जून 2026 को हुई, जब मड़ियांव पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग और अपराधियों की तलाश में मुस्तैद थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि जाली नोटों के मामले में वांछित अपराधी आईआईएम (IIM) तिराहे के पास, दुबग्गा जाने वाली रोड पर खड़ा है। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
पकड़े गए अभियुक्त की पहचान सुमित यादव उर्फ मोनू उम्र 27 वर्ष के रूप में हुई है, जो ग्राम दरगवां, थाना अकबरपुर, जनपद कानपुर देहात का रहने वाला है और पेशे से ट्रांसपोर्ट का काम करता है।
पूछताछ में सामने आया कि यह आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नोट फेक करेंसी तैयार करता था। इसके बाद वे बाजार में जाकर चालाकी से नकली नोटों को असली नोटों से बदल देते थे और बाजार से मिले असली पैसों को आपस में बांटकर अपना खर्च चलाते थे।
इस मामले में थाना मड़ियांव पर पहले से ही मु०अ०सं० 442/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता भादवि की धारा 489ए, 489बी, 489सी और 489डी जाली नोट बनाने और चलाने से संबंधित के तहत मुकदमा पंजीकृत था। पुलिस के अनुसार, इस गैंग के अन्य साथी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। गिरफ्तार अभियुक्त सुमित यादव के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, साथ ही पुलिस उसके आपराधिक इतिहास के बारे में अन्य जिलों से भी जानकारी जुटा रही है।




