
संवाददाता इरफान कुरैशी,
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना महानगर क्षेत्र में पुलिस ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा (TGT) में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने एक ऐसे सॉल्वर फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया है, जो असली अभ्यर्थी के स्थान पर फर्जी आधार कार्ड बनाकर परीक्षा दे रहा था।
यह मामला महानगर के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां प्रथम पाली में सामाजिक विषय की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा के दौरान जब केंद्र व्यवस्थापक डॉ. ममता किरण राव ने बायोमेट्रिक मिलान फिंग्सप्रिंट और फेस आईडी करवाया, तो अनुक्रमांक संख्या 0405065045 पर परीक्षा दे रहे युवक का डेटा असली अभ्यर्थी अमरजीत सिंह से मैच नहीं हुआ। संदेह होने पर केंद्र व्यवस्थापक ने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी।
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की पहचान मन्तेस सिंह उम्र 30 वर्ष, निवासी आजमगढ़, हाल पता प्रयागराज के रूप में हुई है। उसने बताया कि वह प्रयागराज के निवासी असली अभ्यर्थी अमरजीत सिंह के स्थान पर परीक्षा देने आया था। इस काम के लिए दोनों के बीच 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 5,000 रुपये उसे एडवांस नगद मिल चुके थे। आरोपी के कब्जे से एक कूट रचित (फर्जी) आधार कार्ड और प्रवेश पत्र बरामद हुआ है।
थाना महानगर में आरोपी मन्तेस सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे धोखाधड़ी और प्रतिरूपण और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अध्यादेश 2024 के तहत मु०अ०सं० 93/2026 पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस आयुक्त महानगर द्वारा की जा रही है।


