
कानपुर।।अकबरपुर और रूरा क्षेत्र में श्रम विभाग, एएचटीयू और चाइल्ड लाइन की संयुक्त छापेमारी से मचा हड़कंप, नियोक्ताओं को थमाई गई निरीक्षण टिप्पणी।
बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए सघन चेकिंग अभियान
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश को दिसंबर 2027 तक बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने का एक बड़ा और कड़ा संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में शासन के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, जिलाधिकारी कानपुर देहात एवं पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सोमवार को जनपद में बाल श्रमिकों के चिन्हांकन और रेस्क्यू के लिए एक सघन अभियान चलाया गया। सहायक श्रमायुक्त राम आशीष के नेतृत्व में श्रम विभाग, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) कानपुर देहात, चाइल्ड लाइन और प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम ने अकबरपुर क्षेत्र और रूरा स्थित विभिन्न दुकानों व होटलों पर अचानक छापेमारी की, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया।
इस औचक कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने रूरा चौराहा स्थित गेराश गुप्ता जी छोले भटूरे की दुकान से 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इसके साथ ही अकबरपुर रूरा रोड पर स्थित गेराश चिश्ती होटल से भी 2 बाल श्रमिकों को रेस्क्यू किया गया। इस प्रकार टीम ने कुल 4 बाल श्रमिकों को काम के चंगुल से छुड़ाया। टीम द्वारा नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाते हुए संबंधित सेवायोजकों (मालिकों) को निरीक्षण टिप्पणी हस्तगत कराई गई है। मुक्त कराए गए सभी बच्चों की वास्तविक आयु के परीक्षण के लिए उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस छापेमारी के बाद संयुक्त टीम ने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों और नियोक्ताओं को सख्त हिदायत दी है। टीम ने उनसे अपेक्षा की कि वे अपने यहां काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों को नजदीकी विद्यालयों में प्रवेश दिलाएं और उनके बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा का विशेष ध्यान रखें, न कि उन्हें श्रम के दलदल में धकेलें।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय द्वारा इस दौरान आम जनता से भी एक महत्वपूर्ण अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं भी बाल श्रम होता हुआ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराने का कष्ट करें। ऐसा करके ही मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद को पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त बनाया जा सकता है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरविन्द कुमार सोनकर, राजेश श्रीवास्तव, एएचटीयू कानपुर देहात के प्रभारी रविन्द्र यादव, दीपक कुमार और


