
फतेहपुर।।जनपद में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की विवेचना करने गई महिला उपनिरीक्षक और सिपाही के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व प्रधान समेत कई लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधान सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दहेज उत्पीड़न केस की जांच में गई थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार राधानगर थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक रिंकी वर्मा 23 मई को दहेज उत्पीड़न के दर्ज मुकदमे की विवेचना के लिए सिपाही हरिकेश पाल, वादिनी आशी गुप्ता, उसके भाई हिमांशु गुप्ता और जीजा राहुल गुप्ता के साथ थरियांव थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव पहुंची थीं।
बताया जा रहा है कि पीड़िता ने 20 मई को अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस टीम आरोपी शिवम गुप्ता के घर पहुंची, जहां उसकी मां सतरूपा पत्नी हीरालाल गुप्ता मिलीं।
पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप
महिला एसआई के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सतरूपा बाहर गई और कुछ देर बाद पूर्व प्रधान कमलेश यादव समेत कई लोगों को लेकर वापस आई। आरोप है कि सभी लोग पुलिस टीम पर बिना अनुमति घर में घुसने का आरोप लगाते हुए अभद्रता करने लगे।
तहरीर के अनुसार आरोपियों ने महिला दरोगा और सिपाही के साथ धक्का-मुक्की की, अपशब्द कहे और सरकारी कार्य में बाधा डाली। यहां तक कि जब सिपाही ने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए डीएसपी सहित तीन थानों की फोर्स गांव पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
7 नामजद समेत 13 पर मुकदमा
पुलिस ने महिला एसआई की तहरीर पर पूर्व प्रधान कमलेश यादव, रमेश चंद्र, सुधीर, दीपक कुमार, पप्पू टेलर उर्फ महेंद्र कुमार, शिवम गुप्ता और सतरूपा समेत 7 नामजद व 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अपराध निरीक्षक सुरजीत कुमार ने बताया कि नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
महिला SI के अनुसार—
वह दहेज उत्पीड़न केस की विवेचना के लिए मौके पर पहुंचीं
उनके साथ सिपाही हरिकेश पाल और पीड़ित पक्ष मौजूद था
आरोप—
घर में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने विरोध किया
कुछ देर बाद पूर्व प्रधान और अन्य लोग पहुंच गए
पुलिस टीम से अभद्रता
आरोपियों ने—
“प्रधान की अनुमति के बिना घर में घुसने” पर विवाद किया
महिला SI और सिपाही से धक्का-मुक्की की
अपशब्दों का प्रयोग किया
इतना ही नहीं—
मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया
सरकारी कार्य में बाधा डाली मौके पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स
सूचना मिलते ही—
डायल 112 और स्थानीय थाना पुलिस पहुंची
DSP समेत कई थानों की फोर्स मौके पर आई
13 पर मुकदमा, 7 गिरफ्तार
पुलिस ने—
पूर्व प्रधान कमलेश यादव सहित 7 नामजद गिरफ्तार किए
कुल 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज
जानकारी दी—
बड़ा सवाल
सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर और सख्ती होगी?
पुलिस टीम की सुरक्षा के लिए नए निर्देश जारी होंगे?



