
फतेहपुर।।महिला आरक्षण को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब सियासी टकराव का रूप लेता दिख रहा है। समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब सपा जिलाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू हो गई।
फतेहपुर में महिला आरक्षण को लेकर चल रहा राजनीतिक घमासान अब खुलकर सड़क पर दिखाई देने लगा है। समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल और गर्म हो गया जब सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव खुद बाहर आ गए और कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव कार्यालय सहायक कामता के साथ बाहर पहुंचे और भाजपा के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार “योगी-मोदी मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए, जिसके बाद माहौल और ज्यादा राजनीतिक हो गया।
“महिला आरक्षण के विरोध में नहीं, लागू करने में देरी का विरोध”
सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठा रही है। उनका कहना था कि महिला आरक्षण कानून वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका था, लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट से हटाने के लिए ऐसे प्रदर्शन करा रही है।
महंगाई और वैश्विक संकट पर भी उठाए सवाल
सपा जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री द्वारा हाल में दिए गए संदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों को ईंधन की खपत कम करने, विदेश यात्रा न करने और सोना न खरीदने की सलाह दी जा रही है, जबकि नेताओं की फिजूलखर्ची और विदेश यात्राओं पर कोई रोक नहीं दिखाई देती।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रहित और त्याग की जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की ही है?
प्रदर्शन बना चर्चा का विषय
राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा महिला मोर्चा और समाजवादी पार्टी के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। सपा कार्यालय के बाहर लगातार हो रहे प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी का रवैया हमेशा विरोधाभासी रहा है।
पुलिस रही सतर्क
प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ।
क्या हुआ मौके पर?
घटनाक्रम—
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही थीं
सपा नेताओं के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी
मोड़—
सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव मौके पर पहुंचे
जवाबी नारेबाजी में “योगी‑मोदी मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए
प्रदर्शन पर उठे सवाल
आरोप—
सपा का कहना— भाजपा वास्तव में महिला आरक्षण लागू नहीं करना चाहती
कानून पास होने के बावजूद लागू न करने का आरोप
भाजपा पर सवाल—
क्या यह प्रदर्शन ध्यान भटकाने के लिए?
क्या यह “राजनीतिक प्रायोजन” है?
महंगाई और वैश्विक संकट का मुद्दा भी गर्म
सपा का आरोप—
महंगाई, भ्रष्टाचार और वैश्विक संकट से ध्यान हटाने की कोशिश
बयान—आम लोगों को ईंधन कम इस्तेमाल करने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह ये
लेकिन नेताओं की जीवनशैली पर सवाल

