-आर के श्रीवास्तव: प्रमुख संवाददाता
ब्राइट स्टार्ट कॉन्वेंट स्कूल में केपी ट्रस्ट की संगोष्ठी: संस्था की संपत्ति बचाने और प्रबंधन सुधार पर जोर
लखनऊ इस्टेट के न्यासियों का संकल्प: ‘गलत प्रबंधन को हटाकर सुरक्षित करेंगे कायस्थ पाठशाला की विरासत’
लखनऊ, 14 अप्रैल
राजधानी के ब्राइट स्टार्ट कॉन्वेंट स्कूल में ‘द केपी ट्रस्ट’ (कायस्थ पाठशाला प्रयागराज, लखनऊ इस्टेट) के न्यासियों का एक महत्वपूर्ण सेमिनार पिछले रविवार 12 अप्रैल को आयोजित किया गया। अरुण श्रीवास्तव एवं अविनाश श्रीवास्तव के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 100 न्यासियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संस्था के भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा की।
एकजुटता और संकल्प:
सेमिनार में उपस्थित सभी न्यासियों ने बारी-बारी से अपने विचार व्यक्त किए। चर्चा का मुख्य केंद्र प्रयागराज स्थित कायस्थ पाठशाला के वर्तमान प्रबन्धन की कार्यशैली रही। न्यासियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि वर्तमान में संस्था पर काबिज ‘गलत प्रबंधन’ को अपदस्थ करना अनिवार्य है, ताकि संस्था की बहुमूल्य संपत्ति को खुर्द-बुर्द होने से बचाया जा सके।
डॉ. सुशील सिन्हा को मिला समर्थन:
बैठक में ध्वनि मत से यह निर्णय लिया गया कि डॉ. सुशील सिन्हा के पक्ष में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उपस्थित सदस्यों ने घोषणा की कि वे डॉ. सिन्हा को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे ताकि ट्रस्ट की स्थापना के मूल उद्देश्यों को पुनर्जीवित किया जा सके और शिक्षा एवं समाज कल्याण के कार्यों को गति मिल सके।
प्रमुख उपस्थिति:
कार्यक्रम का समन्वय और जानकारी देते हुए द के पी ट्रस्ट लखनऊ इस्टेट के निवर्तमान प्रभारी प्रशासन सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यासियों में संस्था की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरा रोष है और सभी सदस्य डॉ. सुशील सिन्हा के नेतृत्व में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था की बहाली के लिए एकजुट हैं।





