
फतेहपुर। जनपद के राधानगर थाना क्षेत्र में स्थित “कान्हा पैथोलॉजी” एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामला सिर्फ जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अवैध रूप से इलाज और मरीजों की भर्ती तक पहुंच गया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लैब या मिनी अस्पताल?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस पैथोलॉजी सेंटर में केवल ब्लड और अन्य जांच ही नहीं, बल्कि इलाज जैसी गतिविधियां भी कथित तौर पर की जा रही हैं। यहां एक्स-रे मशीन और अन्य उपकरणों का उपयोग कर मरीजों को सलाह देने का आरोप है।
इतना ही नहीं, ग्लूकोज चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने जैसी सेवाएं भी दिए जाने की चर्चा है। ब्लड डोनेशन का खेल सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि यहां लोगों को ब्लड डोनेट करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जबकि एक सामान्य पैथोलॉजी लैब को इसकी अनुमति नहीं होती।यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। रात में ‘गुपचुप भर्ती’ का दावास्थानीय लोगों का दावा है कि रात के समय यहां चोरी-छिपे मरीजों को भर्ती भी किया जाता है।अगर यह सच साबित होता है, तो यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी है।
संचालक का कथित बयान बना मुद्दासूत्रों के अनुसार, जब इस पूरे मामले पर संचालक से सवाल किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा
जब होगा तो देख जाएगाहालांकि इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह लोगों के गुस्से को और भड़का रहा है। रजिस्ट्रेशन पर बड़ा सवाल यदि यह केंद्र केवल पैथोलॉजी लैब के रूप में पंजीकृत है, तो इलाज कैसे हो रहा है मरीज भर्ती क्यों किए जा रहे हैं ब्लड डोनेशन जैसी गतिविधियां किस अनुमति से चल रही हैंये सवाल अब प्रशासन के सामने खड़े हैं।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी।हालांकि, अभी तक मौके पर कोई ठोस कदम उठाए जाने की पुष्टि नहीं हुई ह ऐसे अवैध केंद्रों पर तुरंत रोक लगेस्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवालयह मामला सिर्फ एक पैथोलॉजी सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती दिखाता है क्योंकि यहां सवाल सिर्फ नियमों का नहीं, लोगों की जान का है।


