
उन्नाव। इंडस्ट्रियल एरिया साइट-2 स्थित इंडाग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की पशुवधशाला में नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। डीएम के नेतृत्व में हुई आधी रात की छापेमारी में ऐसी अनियमितताएं मिलीं, जिन्होंने प्रशासनिक अमले को चौंका दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने वहां तैनात पशु चिकित्सक डॉ. विमल कुमार को पद से हटा दिया है।
छापेमारी में हुआ सनसनीखेज खुलासा
बीते वर्ष 6 जून की देर रात जब प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ वधशाला पहुंची, तो अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। निरीक्षण के दौरान मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:
बिना एंट्री वाहनों का प्रवेश: रात 11:35 बजे एक पिकअप (UP-35 H 8262) बिना किसी जांच या रसीद के गेट नंबर 4 से अंदर घुस गई। ड्राइवर ने कुबूल किया कि वह दिन में भी बिना रिकॉर्ड के पशु लाया था।
दस्तावेजों में हेराफेरी: एक अन्य वाहन (UP-44 BT-5128) के रजिस्टर में बांदा दर्ज था, जबकि ड्राइवर के पास सुल्तानपुर की मंडी रसीद मिली। सप्लायर और लोडिंग स्थल का विवरण भी संदिग्ध पाया गया।
सीसीटीवी नेटवर्क ठप: सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हलाल स्थल (Slaughtering Point) पर सीसीटीवी कैमरे ही नहीं थे। अनलोडिंग पॉइंट का कैमरा कलेक्ट्रेट के मुख्य निगरानी कक्ष से डिस्कनेक्ट मिला, जिससे ऑनलाइन मॉनिटरिंग पूरी तरह बंद थी।
मानकों की अनदेखी: वधशाला में काम करने वाले मजदूर बिना दस्ताने और मास्क के पाए गए। जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था अधूरी थी और कैमरों की ऊंचाई जानबूझकर ऐसी रखी गई थी कि वाहन संख्या स्पष्ट न दिखे।


