
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। दोस्ती नगर स्थित फायर ट्रेनिंग सेंटर में शनिवार को पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की गहन पड़ताल की गई। निरीक्षण के लिए पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह ने प्रशिक्षण ले रहे रिक्रूट आरक्षियों की तैयारियों को करीब से देखा और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशिक्षण में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। निरीक्षण का फोकस सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। मैदान से लेकर कक्षा तक हर गतिविधि की बारीकी से समीक्षा की गई।
आउटडोर सत्र के दौरान रिक्रूट सिपाहियों की दौड़, लंबी छलांग और अन्य शारीरिक अभ्यास कराए गए। एएसपी स्वयं मैदान में मौजूद रहे और प्रशिक्षुओं का प्रदर्शन देखा। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक मजबूती पहली शर्त है। नियमित अभ्यास और अनुशासन ही एक अच्छे पुलिसकर्मी की पहचान बनाते हैं। इसके बाद इनडोर तैयारियों पर चर्चा हुई। लिखित परीक्षा से जुड़े विषयों, विशेषकर कानून, पुलिस नियमावली और व्यवहारिक प्रशिक्षण की पढ़ाई को लेकर प्रशिक्षकों से विस्तृत जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिए कि पाठ्यक्रम समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए और कमजोर प्रशिक्षुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एएसपी ने रिक्रूट आरक्षियों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का समय ही भविष्य की नींव रखता है। जो अनुशासन और मेहनत इस दौर में सीखी जाती है, वही आगे सेवा के दौरान काम आती है। प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई कि उपस्थिति, अनुशासन और आचरण को लेकर सख्ती बरती जाए। यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रशिक्षुओं के मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को मजबूत रखने के लिए समय-समय पर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने की बात भी कही गई।
निरीक्षण के अंत में अखिलेश सिंह ने कहा कि एक सक्षम और प्रशिक्षित पुलिस बल ही कानून व्यवस्था को मजबूत रख सकता है। उन्होंने रिक्रूट सिपाहियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के साथ प्रशिक्षण पूरा करने की सीख दी। फायर ट्रेनिंग सेंटर में हुए इस निरीक्षण को पुलिस विभाग ने नियमित गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर ऐसी समीक्षा से प्रशिक्षण स्तर बेहतर होता है और भावी पुलिसकर्मी ज्यादा तैयार होकर मैदान में उतरते हैं।

