
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर उन्नाव जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले में परीक्षाओं को पूरी तरह नकल विहीन, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए एक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. इस वर्ष प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को इतना सख्त कर दिया है कि चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेटों की नजर रहेगी
139 मजिस्ट्रेटों की फौज करेगी केंद्रों की निगरानी
जिला प्रशासन ने परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुल 139 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है. इन मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कहीं भी चूक की गुंजाइश न रहे।
जोनल मजिस्ट्रेट: जिले की 6 तहसीलों के लिए 6 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो अपने क्षेत्र के सभी केंद्रों की सर्वोच्च निगरानी करेंगे.
सेक्टर मजिस्ट्रेट: जोनल मजिस्ट्रेटों के मार्गदर्शन में काम करने के लिए 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं.
स्टेटिक मजिस्ट्रेट: प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी अनिवार्य की गई है, जिसके तहत जिले में कुल 122 स्टेटिक मजिस्ट्रेट मुस्तैद रहेंगे.
ये मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्रों के वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और परीक्षा कक्ष की हर गतिविधि पर सीधी पैनी नजर रखेंगे.
71 हजार से अधिक परीक्षार्थी आजमाएंगे किस्मत
इस वर्ष उन्नाव जिले में कुल 71,675 परीक्षार्थी यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं. बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार।
हाईस्कूल: 39,508 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे.
इंटरमीडिएट: 32,166 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे.
इन परीक्षार्थियों के लिए जिले भर में कुल 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. केंद्रों के वर्गीकरण की बात करें तो इनमें 10 राजकीय विद्यालय, 50 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और 62 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं. प्रशासन ने अपनी जांच के आधार पर 6 केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बल और विशेष उड़नदस्तों की तैनाती रहेगी.
18 फरवरी से शुरू होगा महाकुंभ, दो पालियों में होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी. परीक्षाओं का आयोजन दो पालियों (सुबह और दोपहर बाद) में किया जाएगा. जिले की छह तहसीलों में संचालित 59 सहायता प्राप्त, 41 राजकीय और 314 वित्तविहीन विद्यालयों के समन्वय से इस बड़े आयोजन को सफल बनाने की तैयारी है.
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए 122 केंद्र व्यवस्थापकों के साथ-साथ इतनी ही संख्या में अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की भी नियुक्ति कर दी गई है.



