
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव। उन्नाव के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में गंगा कटान की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले चार महीनों से आवागमन के संकट से जूझ रहे कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग का क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार और बांगरमऊ के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बृजमोहन शुक्ला ने स्थलीय निरीक्षण किया। गंगा के तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हुई इस सड़क की हकीकत देखने के बाद अब इसके पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
फतेहपुर चौरासी विकासखंड के अंतर्गत आने वाला कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। करीब चार महीने पहले गंगा नदी में आए उफान और भीषण कटान के कारण इस मार्ग का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा गया था। तब से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ा है। इस सड़क के टूटने से दर्जनों गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय और मुख्य बाजारों से कट गया, जिससे किसानों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक और अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण
शनिवार को क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार और एसडीएम बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला, लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने क्षतिग्रस्त हिस्से की बारीकी से जांच की और अधिकारियों से पूछा कि मरम्मत कार्य में इतनी देरी क्यों हो रही है। विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की जीविका का साधन है, इसलिए इसमें अब और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंगा के किनारे होने के कारण इस सड़क का निर्माण केवल सामान्य तरीके से नहीं किया जा सकता। कटान को रोकने के लिए यहाँ ‘रिटेनिंग वॉल’ (सुरक्षा दीवार) और विशेष जल निकासी की आवश्यकता है। अधिकारियों ने विधायक को अवगत कराया कि सड़क की मरम्मत और भविष्य में कटान रोकने के पुख्ता इंतजामों के लिए ₹2 करोड़ का विस्तृत प्राक्कलन (Estimate) तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। बजट स्वीकृत होते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क टूटने की वजह से उन्हें 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। रात के समय और बीमारी की स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की कि जब तक स्थायी सड़क नहीं बन जाती, तब तक वैकल्पिक मार्ग के रूप में मिट्टी का भराव कराकर कम से कम पैदल और दोपहिया वाहनों का रास्ता सुचारू किया जाए।


