
उन्नाव (सदर): सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ की भूख अब रीलबाजों के लिए जेल की सलाखों का रास्ता साफ कर सकती है। उन्नाव की सदर कोतवाली पुलिस ने हाईवे और व्यस्त सड़कों पर स्टंट करने और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क कोई फिल्म सिटी नहीं है और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के साथ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
सदर कोतवाली प्रभारी का कड़ा संदेश
सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा ने रीलबाजों को सीधे शब्दों में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, “या तो बीच सड़क पर वीडियो बनाना पूरी तरह बंद कर दें, या फिर गदन खेड़ा बाईपास छोड़ दें।” पुलिस का यह सख्त रुख उन युवाओं के लिए है जो चलती गाड़ियों के बीच या सड़क के बीचों-बीच अपनी जान जोखिम में डालकर रील शूट करते हैं। पुलिस के अनुसार, गदन खेड़ा बाईपास रीलबाजों का पसंदीदा अड्डा बन चुका है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
‘शुभम ऑटो वाले’ पर पुलिस की नजर
हाल ही में सोशल मीडिया पर “शुभम ऑटो वाले” नामक युवक का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में वह हाईवे पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर रील बनाता नजर आ रहा है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए सदर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर वाहन नंबर और व्यक्ति की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी दो नामी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों पर उन्नाव पुलिस का डंडा चल चुका है, लेकिन बावजूद इसके रील बनाने का क्रेज थमता नजर नहीं आ रहा। आप पर
सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा
पुलिस प्रशासन का मानना है कि रील बनाने के चक्कर में युवा अक्सर अपने वाहन सड़क के बीचों-बीच या किनारे गलत तरीके से खड़े कर देते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों को अचानक ब्रेक मारना पड़ता है या वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि अब केवल चालान से काम नहीं चलेगा। यदि किसी की रीलिंग की वजह से ट्रैफिक बाधित होता है या किसी की जान को खतरा पैदा होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
पुलिस की विशेष निगरानी और गश्त
आने वाले दिनों में गदन खेड़ा बाईपास, कानपुर-लखनऊ हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकते हैं जो मोबाइल कैमरों से रील बनाने वालों को रंगे हाथों पकड़ेंगे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हाईवे पर होने वाले कई हादसों की वजह कहीं न कहीं लापरवाही और सड़कों पर की जाने वाली अराजकता होती है।

