-आर के श्रीवास्तव; प्रमुख संवाददाता



लखनऊ, 30 दिसंबर।
”उठो जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते” का बीज मंत्र देने वाले स्वामी विवेकानंद जी तथा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बहुआयामी विस्तार देने वाले महर्षि महेश योगी (1918-2008) जिन्होंने भावातीत ध्यान (Transcendental Meditation – TM) आंदोलन शुरू किया तथा वैदिक ज्ञान का विश्वव्यापी प्रसार किया जिससे लाखों लोगों के जीवन में शांति आई और मार्गदर्शन मिला। शैक्षणिक संस्थाओं और मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले स्वामी महेश योगी तथा स्वामी विवेकानंद -इन दोनों महान विभूतियां का जन्मदिन 12 जनवरी को पड़ता है।
राष्ट्रीय सनातन संघ इस अवसर पर 12 जनवरी को लखनऊ में 1090 चौराहे से संगीत नाटक अकादमी गोमती नगर तक स्कूल के बच्चों तथा तमाम जन समुदाय के साथ एक पैदल मार्च का आयोजन कर रहा है इसके साथ ही संगीत नाटक अकादमी में एक संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन होना है। इसकी तैयारी के लिए एक विचार गोष्ठी का आयोजन विभव खंड गोमती नगर में हुआ तथा विस्तार से सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम दिनेश चंद्र खरे की अध्यक्षता में हुआ उनके साथ विमलेश कुमार, रितु खरे, संजीव सक्सेना, आनंद कुमार, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, अमर वर्मा, सुशील कुमार श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, अजय दीप श्रीवास्तव आदि तमाम लोगों ने अपने विचार रखें तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक आम सहमति बनी।
अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष दिनेश चंद्र खरे ने विचार गोष्ठी में आने वाले सभी सहभागियों का धन्यवाद किया।



