
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।। जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। उन्नाव का हुलास खेड़ा गांव उस समय अखाड़ा बन गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक घर में चल रही गतिविधि को ‘ईसाई धर्मांतरण’ का अड्डा बताते हुए धावा बोल दिया। नारेबाजी, तीखी बहस और पुलिस की भागदौड़ के बीच यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
हुलास खेड़ा गांव में पंकज राजपूत नाम के व्यक्ति के घर पर कुछ गतिविधियां चल रही थीं। बजरंग दल को गुप्त सूचना मिली कि पंकज के घर पर करीब 15 लोगों को इकट्ठा कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बजरंग दल के जिला संयोजक नितिन शुक्ला, जिला सह संयोजक वैभव श्रीवास्तव और जिला सुरक्षा प्रमुख रजत ठाकुर के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।

देखते ही देखते शांत गांव नारों की गूंज से दहल उठा। बजरंग दल का आरोप है कि वहां न केवल पंकज राजपूत, बल्कि उनके साथ 6 महिलाएं भी इस पूरे खेल में शामिल थीं, जो गांव के भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर और आर्थिक प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थीं।
हंगामे की आंखों देखी: जब आमने-सामने आए दो पक्ष
मौके पर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पंकज राजपूत के बीच तीखी झड़प हुई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गांव में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। उनका आरोप है कि “धर्म परिवर्तन के लिए न केवल लोगों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था, बल्कि उन्हें रुपयों का लालच भी दिया जा रहा था।”
जब कार्यकर्ताओं ने पंकज राजपूत से सवाल-जवाब किए, तो बहस इतनी बढ़ गई कि तनाव की स्थिति पैदा हो गई। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन को देख गांव के अन्य लोग भी जमा हो गए, जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ गई।
पुलिस की एंट्री और जांच में नया मोड़
तनाव की सूचना मिलते ही अचलगंज थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और किसी भी तरह की हिंसा को होने से रोका। पुलिस ने पंकज राजपूत और वहां मौजूद महिलाओं से लंबी पूछताछ की।
हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ बजरंग दल ‘जबरन धर्मांतरण’ का दावा ठोक रहा है, वहीं पुलिस की शुरुआती जांच कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। अचलगंज पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच में “जबरन” धर्म परिवर्तन का कोई पुख्ता सबूत या पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन का रुख: जांच अभी जारी है
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि हिंदू समाज की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे तथ्यों की गहराई से जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
क्या वहां वास्तव में कोई धार्मिक सभा हो रही थी?
क्या किसी को पैसे या नौकरी का लालच दिया गया था?
क्या लोगों पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव था?
पुलिस का कहना है कि वे किसी भी निर्दोष को फंसने नहीं देंगे, लेकिन अगर धर्मांतरण विरोधी कानून का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘हुलास खेड़ा’ की चर्चा
इस घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस बात को लेकर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, तो कुछ इसे संस्कृति पर हमला मान रहे हैं।
इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रलभ शरण चौधरी की इस रिपोर्ट के अनुसार, गांव में फिलहाल शांति है लेकिन पुलिस बल तैनात है ताकि दोबारा कोई विवाद न हो।

