
कानपुर। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कानपुर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रशासन ने अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल और मंडलायुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र शहर की सुरक्षा और यातायात संचालन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि शहर में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी बड़ी सफलता मिलेगी। सुरक्षा के घेरे को और मजबूत करने के लिए ‘त्रिनेत्र परियोजना’ के तहत शहर के विभिन्न कोनों में लगे लगभग 3000 सीसीटीवी कैमरों को अब सीधे आईसीसीसी से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरी निगरानी व्यवस्था एकीकृत होकर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी।
शहर की पार्किंग समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था को राजस्व मॉडल पर संचालित करने की योजना बनाई है। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही, शहर की स्वच्छता और अतिक्रमण की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीम निरंतर जमीनी स्तर पर विशेष अभियान चलाएगी, जिसके लिए पुलिस आयुक्त ने पर्याप्त बल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है ताकि कार्रवाई के दौरान किसी भी अवरोध से निपटा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक और विभागों के बीच इस समन्वय से कानपुर जल्द ही एक स्मार्ट और सुरक्षित शहर के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।



