
कानपुर। भारत मे डिजिटल इंडिया के बढ़ते दौर में साइबर ठग भी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी क्रम में, कानपुर पुलिस द्वारा आम जनमानस और युवाओं को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डीसीपी मुख्यालय कासिम आबिदी के कुशल निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) छावनी, आकांक्षा पाण्डेय और साइबर सेल की टीम ने कानपुर कैंट क्षेत्र में एक विशाल साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कानपुर के कैंट इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम में NCC के लगभग 500 कैडेट्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के भविष्य यानी युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना और उन्हें डिजिटल दुनिया के खतरों से सुरक्षित रखना था।जागरूकता अभियान के दौरान एसीपी आकांक्षा पाण्डेय ने कैडेट्स को विस्तार से समझाया कि कैसे अपराधी सोशल मीडिया, ईमेल और फर्जी फोन कॉल्स के जरिए ठगी को अंजाम देते हैं। उन्होंने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करने और लुभावने ऑफर्स से बचे।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ ऑन रखें।अपनी निजी जानकारी, ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें।यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।अभियान में मौजूद साइबर सेल के विशेषज्ञों ने कैडेट्स को हाल के दिनों में हुए साइबर फ्रॉड के उदाहरण दिए, ताकि वे समझ सकें कि अपराधी किस तरह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर पैसे ऐंठते हैं। पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सजगता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे सशक्त माध्यम है।इस पहल की सराहना करते हुए NCC अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कैडेट्स न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगे, बल्कि समाज में साइबर दूत के रूप में अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे।

