
फतेहपुर।।अवैध टैक्सी स्टैंड, बिना पार्किंग वाले मैरिज लॉन और ई-रिक्शा की मनमानी ने फतेहपुर की सड़कों को जाम का जाल बना दिया है।
“आखिर कब सुधरेगी शहर की यातायात व्यवस्था और कब जागेगा प्रशासन?”
फतेहपुर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन हालात दिन-ब-दिन और बदतर होते जा रहे हैं। नवंबर–2025 का यातायात माह पूरे जोर-शोर से मनाया तो जरूर गया, लेकिन जमीनी स्तर पर न अतिक्रमण कम हुआ, न जाम की समस्या का समाधान हुआ, और न ही अवैध टैक्सी व ई-रिक्शा स्टैंडों पर कोई कार्रवाई दिखी। क्राइम पुलिस और यातायात विभाग पुलिस की जिम्मेदारियां अलग-अलग बांटने के बावजूद शहर की हालत जस की तस बनी हुई है।
अवैध टैक्सी स्टैंड—यातायात माह का सबसे बड़ा मज़ाक
शहर के सदर अस्पताल चौराहा, रोडवेज चौराहा, लखनऊ बायपास, गाजीपुर बस स्टॉप सहित छह प्रमुख स्थानों पर अवैध टैक्सी स्टैंड खुलेआम संचालित हो रहे हैं।
इन स्टैंडों पर प्रतिदिन ऑटो व बस चालकों से अवैध वसूली होती है, जबकि प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। इनकी वजह से सुबह और शाम के समय चौराहों पर भारी जाम लगता है, जिससे आम जनता घंटों परेशान रहती है।
मैरिज लॉन–गार्डन: बिना पार्किंग के शहर में जाम का नया रिकॉर्ड
शहर में बिना पार्किंग वाले मैरिज लॉन और गार्डन शादी-विवाह सीजन में भारी अव्यवस्था का कारण बन रहे हैं।देर रात तक सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी रहने से पूरा मार्ग जाम रहता है। रासूखदार ( सत्ताधारी ) संचालकों के आगे प्रशासनिक सख्ती नदारद है। न नोटिस, न सीलिंग, न ही कोई ठोस कार्रवाई।
ई-रिक्शा की मनमानी—5000 वाहन, न रूट तय, न नियम का पालन
फतेहपुर शहर में लगभग 5,000 पंजीकृत और अपंजीकृत ई-रिक्शा चल रहे हैं।किसी भी वाहन का रूट चार्ट तय नहीं होने के कारण हर चौराहे पर मनमानी देखने को मिलती है।जहां चाहें वहीं ब्रेक लगाकर सवारी उतारना–बिठाना जाम का मुख्य कारण बन चुका है। *सबसे बड़ी विडंबना—कई नाबालिग बच्चे बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चलाते हुए सड़कों पर देखे जा सकते हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य।


