
फतेहपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शादी से एक दिन पहले एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। 26 नवंबर को बारात जानी थी, लेकिन उससे ठीक 24 घंटे पहले खुशियों के घर में मातम पसर गया। मृतक सुधीर कुमार, जो खजुहा ब्लॉक के सुल्तानगंज में लेखपाल के पद पर तैनात था, सोमवार सुबह अपने कमरे में मृत पाया गया।
सुबह-सुबह कानूनगो की डांट के बाद लिया खौफनाक कदम?
परिवार के मुताबिक, सोमवार को शादी के कार्यक्रमों—हल्दी और मेहंदी—की वजह से सुधीर ड्यूटी पर नहीं गया था। इससे नाराज़ कानूनगो शिवराम मंगलवार सुबह घर पहुंचा और सुधीर को डांटने लगा।
बहन रोशनी ने बताया— “कानूनगो बार-बार कह रहा था कि तुम काम नहीं करोगे तो कौन करेगा? उसने फटकार लगाई और चला गया। उसी के बाद भाई कमरे में गया और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया।”
परिवार ने काफी देर बाद दरवाज़ा तोड़ा तो सुधीर फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर मां बेहोश हो गईं। घर में चीख-पुकार मच गई।
मंगेतर भी रो-रोकर बेहाल, कहा— अभी सुबह ही गुड मॉर्निंग का मैसेज किया था
सुधीर की मौत की खबर सुनकर उसकी मंगेतर काजल भी पिता के साथ पहुंच गई।
लाश देखते ही वह चीख पड़ी और बोली— “आज सुबह ही उसने गुड मॉर्निंग का मैसेज किया था… ये कैसे हो गया?”
लड़की के पिता होटल बुकिंग के कागज़ दिखाते हुए फफक पड़े “कल बारात जानी थी… सब तैयारी हो चुकी थी
2 साल पहले बनी नौकरी, 6 महीने पहले तय हुई थी शादी
परिजनों के अनुसार—
सुधीर 2 साल पहले लेखपाल बना था।
उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
घर में मां, भाई-बहन और भाभी रहते हैं।
8 जून 2025 को जहानाबाद में सुधीर की काजल से अंगेजमेंट हुई थी।
शादी को सीतापुर जिले में होनी थी। बारात सिर्फ 4 किलोमीटर दूर जाना था।
घर में चल रही थीं रस्में, बाहरी दुनिया को क्या खबर थी कि दूल्हा अंदर टूट रहा है…
को ही घर में हल्दी-मेहंदी की रस्में शुरू हो चुकी थीं।
सोमवार शाम पूरे घर में खुशियों का माहौल था।
लेकिन अगले ही दिन सुबह कानूनी फटकार ने जैसे उसकी हिम्मत छीन ली।
कानूनगो ने किया सस्पेंड? दबाव में था सुधीर
सुधीर परिवार को बता रहा था कि कानूनगो शिवराम उसे छुट्टी नहीं दे रहा था।
बहन के मुताबिक— “भाई ने छुट्टी की एप्लीकेशन भी दी थी, लेकिन कानूनगो ने उसे सस्पेंड कर दिया।”
इसी मानसिक दबाव के बीच उसने खौफनाक कदम उठा लिया।
लेखपाल संघ में रोष, जांच की मांग
घटना के बाद लेखपाल संघ के सदस्य भी घर पहुंच गए और मामले की जांच की माँग की। परिजनों ने कानूनगो पर कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार, गांव में मातम पसरा
सुधीर का पोस्टमार्टम कराया गया।
गांव में शादी की तैयारियों की जगह अब हर तरफ सन्नाटा और मातम पसरा है।
रिश्तेदारों का कहना है “सुधीर बेहद शांत और जिम्मेदार लड़का था। उसे अनावश्यक दबाव झेलना पड़ा।”



