
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।। जनपद के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के मदारनगर गांव में रविवार सुबह एक दिल को झकझोर देने वाली घटना हुई। महज़ 20 वर्षीय सबीना अपने कमरे में मोबाइल चार्ज करने गई थी, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद उसकी दर्दनाक चीख ने पूरे घर को दहला दिया। जैसे ही उसने पुराने बिजली बोर्ड में चार्जर लगाया, अचानक तेज करंट ने उसे जकड़ लिया। एक पल में खुशी भरा घर मातम के साए में डूब गया।
करीब सुबह 11 बजे हुए इस हादसे के दौरान सबीना की चीख सुनकर परिजन दौड़ते हुए कमरे तक पहुंचे। उन्होंने किसी तरह बांस के डंडे की मदद से उसे करंट से अलग किया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। बेहोशी की स्थिति में तुरंत उसे बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. आफताब ने काफी प्रयासों के बाद जांच की, लेकिन सबीना को बचाया न जा सका। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजनों पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। रोने-बिलखने की आवाज़ों से अस्पताल का वातावरण गूंज उठा।
घटना की गंभीरता के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना नहीं दी, और शोक में डूबे परिवार ने भी मामले को थाने तक ले जाना उचित नहीं समझा। वे सदमे में डूबे सीधे अपने घर लौट आए, जहां सबीना के शव को देखकर गांव वालों की भी आंखें नम हो गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सबीना के घर में लगा बिजली बोर्ड काफी पुराना था और उसमें कई बार करंट उतरने की समस्या सामने आ चुकी थी। आर्थिक तंगी के चलते घर वाले उसकी मरम्मत नहीं करा पा रहे थे। आखिरकार इसी लापरवाही ने सबीना की जान ले ली। गांव में चर्चा है कि अगर समय रहते बिजली बोर्ड को ठीक करवा दिया गया होता, तो आज एक जिंदगी बच सकती थी।
पूरे मदारनगर गांव में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। युवा सबीना की अचानक हुई मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार बदहवासी और टूटे हुए मन से यही सवाल कर रहा है कि आखिर उनकी मासूम बेटी की किस्मत में इतनी दर्दनाक मौत क्यों लिखी थी।


