
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। करोड़पति सीओ ऋषिकांत शुक्ला की चकाचौंध भरी दुनिया अब एसआईटी की राडार पर है। उन्नाव से लेकर कानपुर तक फैली करोड़ों की संपत्तियों ने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। एक ओर जहां अधिकारी की जेब से ‘साफ-सुथरे सेवा’ का दावा निकला, वहीं दूसरी तरफ ज़मीनों, मकानों और दुकानों का साम्राज्य सामने आया है जिसकी कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है!
उन्नाव में जमीनों का जाल!
एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक, उन्नाव में ही करोड़ों की कृषिझ् भूमि फैली हुई है। गांव से लेकर कस्बों तक, सीओ की संपत्तियों ने सभी को चौंका दिया है —
सन्नी सिकंदरपुर, सरोसी, उन्नाव: कृषि योग्य भूमि – ₹3.5 करोड़
अरजोरा मऊ सिकंदरपुर, उन्नाव: कृषि योग्य भूमि – ₹18.5 करोड़ शंकरपुर सराय, उन्नाव: कृषि योग्य भूमि – ₹3 करोड़
ग्राम मजरा, उन्नाव: कृषि भूमि – ₹50 लाख
ग्राम कनिकामऊ, उन्नाव: कृषि योग्य भूमि – ₹4 करोड़
मिर्जापुर, उन्नाव: कृषि योग्य भूमि – ₹13.5 करोड
उन्नाव में ही संपत्तियों का यह हिसाब करीब ₹42 से ₹45 करोड़ तक पहुंचता है!
कानपुर में आलीशान मकान और दुकानें!
उन्नाव से परे, कानपुर में भी सीओ शुक्ला ने रईसी के ठिकाने बना रखे थे —
मैनावती मार्ग, श्रीराम कृपा स्टेट और आज़ाद नगर नवाबगंज: ₹13 करोड़ के आलीशान आवासीय मकान
गोपालपुर: ₹13 करोड़ की कृषि भूमि
आर्यनगर: 11 दुकानें, कुल कीमत ₹11 करोड़
ख्यौरा क्षेत्र: भूखंड और भूमि मिलाकर ₹9 करोड़ से ज़्यादा मूल्य
जांच के घेरे में आया “करोड़पति सीओ”
विजिलेंस और विभागीय जांच दोनों ही तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा को जांच सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि शासन को भेजी गई संपत्ति रिपोर्ट के बाद ही शासन स्तर से कार्रवाई की सिफारिश की गई।
जनता में मचा हड़कंप, अफसरशाही में हलचल!
एक तरफ गरीब किसानों की ज़मीनें बेमोल बिकती रहीं, दूसरी तरफ एक पुलिस अधिकारी ने पूरे जनपद में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया — यह खुलासा अब सुर्खियों में है। उन्नाव के लोग अब पूछ रहे हैं — “इतनी दौलत आई कहां से?”
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या विजिलेंस जांच के बाद इन करोड़ों की संपत्तियों पर शिकंजा कस पाएगी या मामला फिर फाइलों में दफन हो जाएगा!



