
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
उन्नाव।।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने इतिहास में पहली बार ,उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की अपने यहां आवासीय कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की शुरुआत की। जिसका प्रारंभ एससीईआरटी ,उत्तर प्रदेश द्वारा चुनिंदा विज्ञान शिक्षकों के चुने जाने के साथ हुआ ।
ज्ञात हो कि पूरे उत्तर प्रदेश से विज्ञान के पीएम श्री विद्यालय ,कंपोजिट विद्यालय तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के उम्दा काम करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर चयनित किया गया। जिनमें से अधिकांश पुरस्कृत शिक्षक भी थे, तथा उन्हें पांच दिवसीय आईसीटी यानी कि कंप्यूटर से संबंधित एडवांस प्रशिक्षण आईआईटी कानपुर में आईआईटी की फैकल्टी तथा अन्य तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा दिया गया ।

आईआईटी चेन्नई से आए प्रोफेसर रामकुमार और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मधुकर वार्ष्णेय द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जा रहा था ,जिसमें उन्नाव जनपद से आईसीटी का प्रशिक्षण लेने के लिए चयनित नाम में से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका स्नेहिल पांडेय,शिखा मिश्रा ,सारिका चतुर्वेदी,प्रज्ञा त्रिवेदी ,रवि किरण सिंह, विनीता मिश्रा,अंकिका त्रिपाठी तथा विनय कुमार आदि शिक्षक सम्मिलित हुए ।
शिक्षकों ने बताया उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुप्रसिद्ध प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रशिक्षकों द्वारा उन्हें पाइथन, वेब लर्निंग, वेबसाइट डिजाइनिंग, एनीमेशन पेज डिजाइनिंग ,गूगल शीट्स, गूगल फॉर्म्स, डिजिटल हस्ताक्षर,स्क्रैच, एच टी एम एल,जेमिनी तथा कोडिंग आदि जैसे चैलेंजेस विषय पढ़ाए गए

जिसका उद्देश्य है उत्तर प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कोडिंग सिखाना तथा उत्तर प्रदेश के विकसित कदमों को मजबूत करते हुए डिजिटल साक्षरता की दिशा में उत्तर प्रदेश को पूरे भारत में प्रथम स्थान पर स्थापित करना ।
यह अपने आप में अब तक का सरकारी स्कूलों में किया गया,सर्वाधिक अनूठा प्रयास है, इसकी सभी शिक्षकों ने ज्वाइंट डायरेक्टर पवन सचान के ऑनलाइन जुड़ने पर प्रशंसा की।
सभी शिक्षकों का रुकने का आवासीय इंतजाम तथा भोजन आदि का प्रबंध ब्लू वर्ल्ड होटल के अति आधुनिक सुविधाओं से लैस , भव्य होटल में किया गया था।
इस पूरे कार्यक्रम में लगभग 15 प्रशिक्षकों ने प्रतिभाग किया, शिक्षकों को अंतिम दिन कानपुर के प्रसिद्ध मंदिर इस्कॉन टेंपल आदि भी भ्रमण कराया गया।
तथा पूरे प्रदेश से अभी तक लगभग पांच चरण में 200 के बैच में 1000 शिक्षक प्रशिक्षित हो चुके हैं।
यह प्रशिक्षण अभी आगे 6 हफ्तों तक ऑनलाइन चलेगा।
इसके बाद पुनः ऑफलाइन शिक्षकों को बुलाकर उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
ऑनलाइन प्रशिक्षण के दौरान श्रम विभाग की कमिश्नर सौम्या पांडे तथा आईआईटी चेन्नई से पधारी माइक्रोसॉफ्ट में काम कर चुकी प्रोफेसर श्रुति एवं अन्य मोटिवेशनल स्पीकर भी सम्मिलित हुए ,प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त सचिव पवन सचान ने सभी शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं मोटिवेट करते हुए कहा कि उनका सपना है कि प्रदेश भर के विद्यालयों के बच्चे कंप्यूटर फ्रेंडली हो सकें और कोडिंग आदि पर अपनी कार्यशैली से लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दें।
पूरे प्रदेश के लगभग 45000 बच्चों को कंप्यूटर सिखाने के सपने की शिक्षक प्रशिक्षण के रूप में आईआईटी कानपुर कैंपस में यह एक पहली शुरुआत हुई है।
सभी शिक्षकों को शिक्षक एवं आईसीटी मॉड्यूल तथा स्टेशनरी एवं बैग आदि वितरित करके विदा किया गया।



