
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। जिले में खाद वितरण को लेकर अब विवाद कानून-व्यवस्था तक पहुँच गया है। मंगलवार को फतेहपुर चौरासी तहसील क्षेत्र की माढ़ापुर साधन सहकारी समिति में खाद न मिलने पर किसानों ने सचिव की पिटाई कर दी। घटना से नाराज सचिव ने बुधवार को वितरण बंद कर दिया। मामला बढ़ा तो संगठन भी सचिवों के समर्थन में उतर आया और जिले की सभी 170 समितियों के ताले जड़ दिए गए। सचिवों ने कलक्ट्रेट पहुँचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की।
घटना कैसे हुई:
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के साईंपुर सगौड़ा निवासी आलोक कुमार राजपूत, जो माढ़ा साधन समिति में सचिव हैं, मंगलवार को खाद वितरण कर रहे थे। तभी सकरौली निवासी किसान मुनेंद्र सिंह यादव अपने चचेरे भाई के साथ पहुँचे और जबरन खाद की माँग करने लगे। सचिव ने नियमानुसार आधारकार्ड जमा करने की बात कही। इस पर गालीगलौज और मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि हमलावरों ने सचिव के साथ हाथापाई करते हुए किसानों के आधारकार्ड और ई-पॉश मशीन फेंककर तोड़ दी। कई किसानों के कार्ड भी फट गए।
पुलिस की कार्रवाई:
सचिव की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, मामले की जाँच की जा रही है और कार्रवाई की जाएगी।
संगठन का अल्टीमेटम:
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित सचिवों ने बुधवार सुबह से खाद वितरण पूरी तरह ठप कर दिया। इसके चलते 170 समितियों पर ताले पड़े रहे और हजारों किसान खाद लेने से वंचित हो गए। सचिवों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सवाल किसानों और प्रशासन पर:
क्या खाद वितरण में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा प्रशासन?
किसानों को खाद न मिलने से फसलें बर्बाद होने का खतरा बढ़ेगा, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सचिवों पर हुए हमले के बाद क्या शासन सचिवों की सुरक्षा की गारंटी देगा?
जिले में अब स्थिति यह है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, सचिवों ने खाद वितरण शुरू न करने का ऐलान किया है। इससे हजारों किसानों की चिंता और बढ़ गई है।



