मैहर।।जिले के ग्राम मऊ आंगनवाड़ी केंद्र मे जहाँ सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा बच्चो व गर्भवती महिलाओ के लिए महज एक मजाक बना हुआ है, सरकार द्वारा खिलौने से लेकर प्रोटीन पंजीरी व हफ्ते भर की खाने की सूची जारी की जाती है मगर ग्राम मऊ मे कार्यरत संतोषी कुशवाहा की मनमर्जी के चलते ना ही बच्चो को खाना दिया जाता अगर दिया भी जाता है तो दस बच्चो के बिच मात्र 100ग्राम चावल ओर 200ग्राम के लगभग पानी युक्त दाल, खिलोने आंगनबाड़ी केंद्र से लगभग गायब हो चुके है, गर्भवती महिलाओं की पंजीरी 3 माह में एक बार एक पैकेट दी जाती है, बच्चों की अटेंडेंस रजिस्टर बना ही नहीं कितने बच्चे आ जा रहे हैं इसका कोई रिकॉर्ड नहीं, भ्रष्टाचार से भरी ग्राम मऊ की आंगनवाड़ी केंद्र मे जहाँ एक भी बच्चा मौजूद नहीं था, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मऊ की आंगनवाड़ी सिर्फ नाम मात्र के लिए खुली है, यहां से किसी भी प्रकार से ग्रामीणों को सुविधा नहीं दी जा रही, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खुली छूट देने के चलते सरकारी पैसे का दुरपयोग क्यू किया जा रहा है,
जहां सरकार द्वारा सुविधाएं तो दी जा रही हैं, मगर ग्रामीण तक पहुंच ही नहीं पा रही, बिच मे ही बंदरबाट हो जा रहा है, क्या जिला शिक्षा अधिकारी ग्राम मऊ आंगनवाड़ी में जाकर दस्तक देंगे, क्या वहां चल रही गड़बड़ी की जांच की जाएगी, अगर पूरा गांव आंगनबाड़ी के खिलाफ एक जुट होकर आवाज उठा रहा है तो दाल मे कुछ तो जरूर काला है



