
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि पराग ब्रांड के दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न हो और ये उत्पाद आमजन को आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने पराग की आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी ब्रांडिंग पर विशेष बल देते हुए कहा कि इसके लिए मार्केटिंग विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाए।
मंत्री ने मंगलवार को विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में दुग्ध समितियों के संचालन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दुग्ध समितियों का संचालन सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी समितियों को बंद न होने दिया जाए, और अक्रियाशील समितियों को सक्रिय किया जाए।

धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध समितियों का लगातार भ्रमण और अनुश्रवण किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी या समस्या सामने आती है तो उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन को अवगत कराया जाए। दुग्ध मूल्य का भुगतान समय से कराया जाए, क्योंकि किसानों एवं पशुपालकों का हित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि जून 2025 में औसत दुग्ध उपार्जन 3.57 लाख किलोग्राम प्रतिदिन (एलकेजीपीडी) रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। वहीं औसत तरल दुग्ध विक्रय 1.86 लाख लीटर प्रतिदिन (एलएलपीडी) दर्ज किया गया।
27 अगस्त 2024 से 30 जून 2025 तक, कुल 6295 दुग्ध समितियों में से 4426 कार्यरत और 1869 अकार्यरत समितियों का भ्रमण एवं निरीक्षण कार्य पूरा किया गया।
बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि मंत्री जी के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। पराग उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी और दुग्ध मूल्य का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, विशेष सचिव दुग्ध विकास रामसहाय यादव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

