
इटवा (सिद्धार्थ नगर)- एक तरफ जहां सरकार पर्यावरण और स्वच्छता को लेकर सजग है इससे होने वाली परेशानी व दुष्प्रभाव की उपाय खोज रही है वहीं ग्राम पंचायत इटवा बक्शी में जिम्मेदारों द्वारा करहिया पुल से होकर भावपुर,भदोखर,मदवा,कमसार,जिगना,बुढ़ऊ दर्जन भर गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के किनारे ग्राम पंचायत के लोगों के घरों से निकलने वाले कूड़े-कचरे के ढेर को इकट्ठा करके जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है।
इसके बावजूद विकास खंड व जिले के जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
सूत्र बताते हैं कि हर दो तीन दिन पर पूरे ग्राम पंचायत से निकलने वाले कूड़े-कचरे को सड़क किनारे ज़मीन पर डंफ किया जाता है, कूड़े-कचरे में सबसे ज्यादा मात्रा प्लास्टिक व उससे बने थैलों का होता है कूड़ा कचरा डंप हो जाने के बाद उसके निस्तारण का कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण आये दिन उसे जला दिया जाता है, पहले तो जलने से उसमें से आग की लपटे उठतीं हैं बाद में आग नीचे पकड़ लेने से उसमें से केवल धुंवा और दुर्गन्ध निकलता है जिससे गांव की सुद्ध हवा में जहर घोला जा रहा है और पर्यावरण प्रदूषित होता है।
ग्राम पंचायत इटवा बक्शी के लोगों ने बताया कि एन जी टी के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं सड़क के किनारे खुले में कूड़े-कचरे को डंप करके जला दिया जाता है कचरे में पालिथीन भी जलता है जिससे जहरीली गैस बनती है लोग मुंह पर रूमाल रखकर खांसते हुए आते -जाते हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य व सेहत पर बहुत असर पड़ता है जिसके कारण कैंसर सहित कई अन्य घातक बिमारियों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।इस सम्बन्ध में ज्यादा जानकारी के लिए मुख्य विकास अधिकारी बलिराम सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि कूड़े-कचरे को सार्वजनिक स्थानों पर जलाना गलत है जांच कराकर कार्यवाही किया जायेगा।

