
लखनऊ, 28 मई। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग के मुख्यालय स्थित सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए, बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ डटे रहें और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने मुख्यालय पर ही उपस्थित रहें। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर स्थिति का स्वयं आकलन करें और स्थल पर ही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने बताया कि विगत कई दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भ्रमण, विभिन्न परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण तथा आम जनमानस से प्राप्त फीडबैक के आधार पर यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई है, जिसमें विभागीय उच्च अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के मुख्य अभियंताओं के साथ व्यापक चर्चा की गई। मंत्री ने आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन तथा सिंचाई सुविधाओं की तैयारियों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए सभी निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण कराने तथा उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों की सिंचाई हेतु पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए नहरों में पानी का प्रवाह अंतिम छोर तक निर्बाध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी सिंचाई मौसम से पूर्व सभी स्थलों का गंभीरता से निरीक्षण कर लिया जाए और किसी भी प्रकार की खामी पाए जाने पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी वृक्षारोपण अभियान में विभाग को जो लक्ष्य निर्धारित होगा, उसे शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाना चाहिए, इसके लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारी की जाए। इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष अखिलेश कुमार सचान, प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन) संदीप कुमार सहित विभिन्न संगठनों के मुख्य अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

