
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।। देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज जी ने आगामी 16 नवंबर को दिल्ली में होने वाली धर्म संसद का जिक्र करते हुए देशभर के संतों को एकजुट होने का आह्वान किया। इस मौके पर उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड की स्थापना की आवश्यकता को उठाया और इसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ठाकुर महाराज ने कहा कि, “सनातन धर्म के लोग वर्षों से शोषित हो रहे हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि, “आजादी के बाद से सनातन धर्म ने बहुत कुछ सहा है, और जब वक्फ बोर्ड का गठन हुआ था, उसी समय सनातन बोर्ड का भी गठन होना चाहिए था।” उनका यह मानना था कि कश्मीर, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में जो घटनाएं हुईं, वही घटनाएं यदि हमारे देश में हुईं तो हमें उनका विरोध करना चाहिए। ठाकुर महाराज ने बांग्लादेश में हिंदू समाज के उत्पीड़न का भी उल्लेख किया और कहा, “डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश में हिंदू बहनों-बेटियों पर हो रहे अत्याचार को देखा, लेकिन हमारे देश के नेता इसे नजरअंदाज करते हैं।” उन्होंने मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि, “आपके चैनल्स ने हमारी आवाज को देश-विदेश तक पहुंचाया, जिनसे हमारी कोई बातचीत नहीं हुई थी, वे भी अब सनातन बोर्ड की स्थापना की बात कर रहे हैं।” महाराज ने मल्लिकार्जुन खड़गे और मौलाना तौकीर रजा के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जो लोग इस तरह के बयान देते हैं, उन्हें हमारे धर्म और संस्कृति का ज्ञान नहीं है। हमारे साधु संत हमेशा हमारे रक्षक रहे हैं।” उन्होंने हिंदू धर्म के महान संतों का उदाहरण देते हुए कहा कि, “हमारे धर्म को बचाने में द्रोणाचार्य, परशुराम, और हनुमान जी जैसे महान संतों का योगदान रहा है।” देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने हिंदू समाज से अपील की कि वे सनातन बोर्ड की मांग के लिए दिल्ली जाएं। उन्होंने कहा, “हजारों लोग दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं और सनातन बोर्ड की स्थापना के लिए एकजुट होंगे। यह काम आजादी के समय हो जाना चाहिए था, लेकिन अब यह हमारी प्रमुख मांग है। भाजपा विधायक पंकज गुप्ता के बयान का समर्थन करते हुए ठाकुर महाराज ने कहा कि इस अभियान में भाजपा का कोई आधिकारिक समर्थन नहीं है, लेकिन वे जनता से सनातन बोर्ड की मांग के लिए दिल्ली जाने की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने कृष्ण जन्मभूमि के निर्माण और हिंदू परंपराओं के अनुसार हिंदू लड़कियों के विवाह की बात की, ताकि “हमारी बहन-बेटियों के सम्मान को खतरा न हो।” देवकीनंदन ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी पार्टी से समर्थन नहीं मांग रहे हैं, बल्कि यह सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक सामाजिक आह्वान है। उन्हें उम्मीद है कि जब हिंदू समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होगा, तो सनातन बोर्ड की स्थापना का सपना साकार होगा और सनातन धर्म को सशक्त बनाने में मदद करेगा।



