
उन्नाव। राज्य मंत्री, इलेक्ट्राॅनिक्स तथा सूचना प्रोद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग उ0प्र0 अजीत पाल सिंह द्वारा विधायक सदर पंकज गुप्ता की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में बाढ़ से बचाव व अन्य तैयारियों के सम्बन्ध में बाढ़ से सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की गयी।
इस अवसर पर राज्य मंत्री जी द्वारा जनपद में बाढ़ नियंत्रण एवं राहत हेतु की गयी तैयारियों यथा बाढ़ से प्रभावित जन एवं पशु, राहत सामग्री का वितरण, सम्पर्क मार्गों की स्थिति, कटान रोकने के उपाय, बाढ़ क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की उपलब्धता, जन स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा व्यवस्था, बाढ़ चैकियों एवं राहत टीमों के संचालन, बाढ़ शरणालय, नावों एवं गोताखोरों की व्यवस्था आदि की विस्तृत समीक्षा की गयी। बाढ़ नियंत्रण एवं राहत संबंधी तैयारियों को लेकर एडीएम (वि0/रा0) नरेन्द्र सिंह ने बताया कि बाढ़ से अब तक जनपद की 04 तहसीलों बांगरमऊ, सफीपुर, उन्नाव सदर एवं बीघापुर में लगभग 40 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 10950 राहत सामग्री किट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ क्षेत्रों में राहत सामग्री पहॅुचाने के लिए 281 नावों की उपलब्धता है। लोगों को सहायता पहुॅचाने के लिए पर्याप्त नाविकों एवं गोताखारों की व्यवस्था कर ली गयी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों एवं मवेशियों को राहत पहुॅचाने हेेतु 46 बाढ़ चैकियंा तथा 57 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक बाढ़ चैकी पर एक-एक चिकित्सीय दल तैनात किया गया है।
समीक्षा के दौरान राज्य मंत्री द्वारा बाढ़ नियंत्रण एवं राहत संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन हेतु सम्पर्क मार्ग दुरूस्त रखे जाएं तथा लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। कटान रोकने के पर्याप्त इंतेजाम किए जाए तथा जन स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा से संबंधित टीमें सक्रिय रहें। अधिकारी गण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहें। बाढ़ से किसी भी व्यक्ति को परेशानी हो, तो तत्काल उसे राहत पहुॅचायी जाए। बाढ़ द्वारा फसलों के नुकसान का सर्वें करा लिया जाए और आवश्यकतानुसार मुआवजा दिलाया जाए। जो मजरे बाढ़ की चपेट में हैं, उन्हीं की जरूरत के हिसाब से विद्युत कटौती की जाए। विद्युत कटौती वाले क्षेत्रों में सोलर लाइट आदि की वैकल्पिक व्यवस्था करायी जाए।


