
लखनऊ/उन्नाव।।प्रदेश की लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे परियोजना का सोमवार को हुआ लोकार्पण। जनपद उन्नाव के पड़री स्थित झाऊखेड़ा रेस्ट एरिया में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। लोकार्पण के साथ ही यह हाईस्पीड एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खुल गया है।
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब सड़कें बेहतर होती हैं, तब दूरी घटने के साथ-साथ विकास की गति बढ़ती है, निवेश के नए द्वार खुलते हैं और जनजीवन में नई संभावनाओं का संचार होता है। इसी विचार को नई गति देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कर कमलों द्वारा आज 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास होगा। ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में आधुनिक अवसंरचना, सुगम आवागमन और तीव्र आर्थिक प्रगति के नए अध्याय की आधारशिला सिद्ध होंगी।
सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से इस एक्सप्रेस-वे पर ‘एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ATMS) स्थापित किया गया है। यह प्रणाली सड़क पर होने वाले किसी भी व्यवधान की तुरंत पहचान करेगी और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी।

लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। बता दें कि अभी ढाई से तीन घंटे लखनऊ से कानपुर सफर पूरा करने में लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के खुलने के साथ ये सफर महज 30 से 45 मिनट में पूरा होगा। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है। 4850 करोड़ रुपये की लागत से कुल 63 किलोमीटर लंबे कानपुर–लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे (एनई-6) का निर्माण हुआ है।
इस एक्सप्रेस-वे का महत्व केवल यात्रा के समय को कम करने तक ही सीमित नहीं है। यह कॉरिडोर राज्य के डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब के लिए ‘लाइफलाइन’ साबित होगा। इससे उद्योगों को माल ढुलाई में आसानी होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेज गति मिलेगी। उद्घाटन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने NHAI द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें एक्सप्रेस-वे की अत्याधुनिक सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया है।
