
लखनऊ। 68500 सहायक अध्यापक शिक्षक भर्ती 2018 के परिणाम संशोधित किए जाने के संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश लागू किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को प्रदेश के समस्त जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश को लागू किए जाने की मांग की है।

मामले की पैरवी कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने हाल ही में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 के प्रकरण में फिर से ओबीसी अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में पांच प्रतिशत की छूट दिए जाने का फैसला सुनाया है। आयोग ने 5 जनवरी 2022 को दी गई संस्तुति को पुनः प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। वहीं, आरक्षण नियमों का पालन न करने वाले अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को 150 अंक में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक होने पर उत्तीर्ण माना जाए। आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि परीक्षा परिणाम को संशोधित कर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची आयोग को उपलब्ध कराई जाए। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।

उत्तर प्रदेश के समस्त ज़िलों से नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थियों के नेतृत्व में जिलाअधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है।
जिसमें सीतापुर से आशुतोष वर्मा, प्रतापगढ़ से अखिल यादव, गोरखपुर से विमलेश गुप्ता, संतकबीर नगर से दुर्गा प्रसाद , मेरठ से रेखा वर्मा, एटा से पंकज गोस्वामी, ललितपुर से शिशुपाल सिंह लोधी, आगरा से काशिफ हुसैन, वाराणसी से पंकज मौर्य, हरदोई से सुधीर विश्वकर्मा, बिजनौर से सत्यवती नगर और कुशीनगर से राकेश साहनी आदि के नेतृत में प्रत्येक जिले में सैकड़ो अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।