
कानपुर।।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल की मुस्तैदी से छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से घर से नाराज होकर भागकर आईं दो महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया गया। शुक्रवार को आरपीएफ ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों महिलाओं को छत्तीसगढ़ की जामुल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, बीती 22 फरवरी को हेल्पलाइन प्रयागराज के माध्यम से आरपीएफ कानपुर सेंट्रल को सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ के जामुल थाने में दो महिलाओं की गुमशुदगी दर्ज है और उनके कानपुर स्टेशन पर होने की संभावना है। सूचना मिलते ही आरपीएफ के उप-निरीक्षक (SI) मोहम्मद असलम खान ने महिला बल सदस्यों के साथ स्टेशन परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम को प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर दो संदिग्ध महिलाएं दिखाई दीं, जिनकी पहचान प्राप्त फोटो से मिलान करने पर सही पाई गई।
आरपीएफ द्वारा की गई पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे घर में किसी बात से नाराज होकर बिना बताए छत्तीसगढ़ से यहां आ गई थीं। महिलाओं की पहचान तन्नू साहू (22 वर्ष) पत्नी लवलेश साहू और लीना साहू (23 वर्ष) पत्नी श्रवण कुमार साहू के रूप में हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों को महिला स्टाफ की निगरानी में आरपीएफ पोस्ट पर सुरक्षित रखा गया और जामुल पुलिस को सूचित किया गया।
शुक्रवार (27 फरवरी) को जामुल थाने से आए सहायक उप-निरीक्षक (ASI) अजय सिंह ने आरपीएफ पोस्ट पर उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज और प्राथमिकी (FIR) की प्रति प्रस्तुत की। इसके बाद दोनों महिलाओं को सकुशल छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।



