
लखनऊ, राष्ट्रीय युवा वाहिनी संगठन ने आज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित श्रीकांत उपाध्याय जी की अध्यक्षता में महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पंडित श्रीकांत उपाध्याय ने अवगत कराया कि हाल ही में बांग्लादेश में दलित हिंदू दीपू दास को इस्लामिक कट्टरपंथी भीड़ द्वारा ईश-निंदा का आरोप लगाकर जिंदा जला दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद है, जिससे स्पष्ट होता है कि दीपू दास बांग्लादेश पुलिस के संरक्षण में था, इसके बावजूद कट्टरपंथियों द्वारा उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से हिंदुओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है और यह प्रतीत होता है कि वहां सरकार, प्रशासन और कट्टरपंथी तत्वों की एकजुट मंशा अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाने की है। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त घटना के बाद भारत के कई राज्यों में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पुतले दहन कर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन बांग्लादेश के किसी भी क्रिकेटर, मीडियाकर्मी, अभिनेता या नेता द्वारा इस घटना की निंदा तक नहीं की गई, जिससे उनकी मंशा स्पष्ट होती है।
पंडित श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी वायरल है, जिसमें एक बांग्लादेशी हिंदू युवक को केवल कलावा पहनने के कारण इस्लामिक भीड़ द्वारा भारत का जासूस बताकर पीटा गया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के नागरिक यह भूल गए हैं कि वर्ष 1971 में भारत ने लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च कर युद्ध लड़ा, करीब एक करोड़ बांग्लादेशियों को शरण दी और इस युद्ध में भारत के 3900 वीर सैनिक शहीद हुए। इसके बावजूद आज कट्टरपंथी तत्व उन्हीं भारतीय सैनिकों की प्रतिमाओं को तोड़ते नजर आ रहे हैं। भारत द्वारा समय-समय पर दी गई आर्थिक सहायता के बावजूद ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए संगठन ने महामहिम राष्ट्रपति से आठ प्रमुख मांगें कीं। इनमें आईपीएल लीग में बांग्लादेशी क्रिकेटरों के प्रवेश पर प्रतिबंध, हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक अंतरराष्ट्रीय मैचों पर रोक, भारत की आर्थिक सहायता और व्यापार पर प्रतिबंध, बांग्लादेशी अभिनेताओं, नेताओं और इस्लामिक नागरिकों के भारत आगमन पर रोक, दलित हिंदू दीपू दास की हत्या को अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाने और दोषियों को इस्लामिक आतंकी घोषित कर भारत में मुकदमा चलाने, पाकिस्तान व बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को सुरक्षा के लिए भारत लाने तथा भविष्य में भारत को मजहब के नाम पर विभाजित होने से बचाने हेतु हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग शामिल है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आनंद शर्मा, पवन शर्मा, गौरव शर्मा, नितिन शर्मा, अयांश उपाध्याय, प्रदेश गुप्ता, विवेक शर्मा, पप्पू, मनीष शर्मा, राहुल शर्मा, पवन कुमार, सुरेंद्र शर्मा, दलवीर सिंह, वकील उद्दीन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
