
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव। जल निगम नगरीय शहरी आबादी को अमृत पेयजल योजना के तहत शुद्ध पेय जल तो मुहैया नहीं करा पा रहा हैं लेकिन पिछले छः वर्षों में ठेकेदार के साथ भ्रष्टाचार की नई नई कहानी लिख रहा हैं।
बताते चले कि उन्नाव शहर में 2017 से अमृत पेयजल योजना चल रही हैं जिसने पाइप लाइन बिछाने का कार्य आगरा की कंपनी ओ पी गुप्ता कांट्रेक्टर प्राइवेट लिमिटेड करा रही हैं। और इस कंपनी पर जल निगम के अधिकारी कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं जो कंपनी को चारों तरफ से लाभ पहुंचा रहे हैं कार्यदाई कंपनी पिछले छः वर्षों में शहर वासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा कर प्रधानमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट फेल करने में लगे हैं इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारी कभी अब्बास पुर स्थित अपना सरकारी स्टोर ठेकेदार कंपनी को दे देती हैं और कभी जल निगम ऑफिस, अब्बासपुर स्टोर में अभी तक कंपनी ने स्टोर बनाया और पेयजल का काम करती रही और अब कुछ दिन पहले जब किसी कारणवश ओ पी गुप्ता कांट्रेक्टर प्राइवेट लिमिटेड को वह स्टोर खाली करना पड़ा तो कंपनी के चहेते अधिशाषी अभियंता पंकज रंजन झा ने अपना जल निगम नगरीय का कार्यालय की ऊपरी बिल्डिंग ही कंपनी को ऑफिस और स्टोर बनाने को दे दिया। अब नीचे सरकारी दफ्तर और ऊपर ठेकेदार कंपनी का प्राइवेट दफ्तर । सूत्रों की माने तो जल निगम अधिकारी कंपनी से इसका मोटा किराया वसूल कर अपनी जेबें भर रहे हैं।