
फतेहपुर।।
धाता थाना क्षेत्र के एरई गांव स्थित प्राचीन चौंसठ योगिनी मंदिर से अज्ञात चोरों ने बृहस्पतिवार देर रात दो कुंतल से अधिक वजन के पीतल के घंटे काटकर चुरा लिए। धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी की वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
फतेहपुर जनपद के धाता थाना क्षेत्र के एरई गांव स्थित प्राचीन चौंसठ योगिनी मंदिर से बुधवार की देर रात अज्ञात चोरों ने दो कुंतल से अधिक भारी पीतल के घंटे चोरी कर न केवल धार्मिक दरबार को अपवित्र किया है बल्कि कानून-व्यवस्था की पोल भी खोलकर रख दी है।
यह वह दौर है जब कानून-व्यवस्था पर पुलिस प्रशासन की सख्ती के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं और भगवान के मंदिर तक अब सुरक्षित नहीं रहे।
दो कुंतल भारी पीतल के घंटों की चोरी ने गांव में मचा दिया कोहराम
मंदिर से घंटों के गायब होने की खबर जैसे ही आसपास के क्षेत्र में फैली, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उबलता गुस्सा फूट पड़ा। भोर होते ही जब भक्त कृपा मांगने के लिए पहुंचे तो उन्हें घंटों का अभाव देखकर गहरा सदमा लगा। पुजारी चंद्रभूषण मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन सवाल यह कि कब तक भगवान के घर से चोरी पर भी मौन रहेंगे अधिकारी?
पुलिस विवाद में, कानून व्यवस्था पर भारी प्रश्नचिह्न
थाना प्रभारी योगेश कुमार ने जांच के लिए टीम मौके पर भेजी है और जल्द चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। मगर सवाल उठता है – क्या इतने बड़े पुनः चोरी की घटना से प्रशासन और पुलिस अपनी असामयिक उपस्थिति और ढुलमुल रवैये को छुपा पाएंगे? जनता में यह धारणा बन चुकी है कि फतेहपुर में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।चोरी, डकैती, गैंगरेप और अब मंदिरों के अपमान की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
बड़ी सवालिया निशानियाँ
आखिर कब तक फतेहपुर के मंदिर,घर,सड़कें अपराधियों के शिकार होती रहेंगी?
क्या प्रशासन मंदिरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और कड़े प्रबंध करेगा?
गांव-समाज में चौकशी के अभाव में कब तक ऐसे संगठित अपराध जारी रहेंगे?
अंधविश्वास और निष्ठा के केंद्रों पर वार करके अपराधी न केवल समाज की भावना को ठेस पहुंचा रहे हैं,बल्कि प्रशासन की नाकामी का भी खुलासा कर रहे हैं।सरकार एवं पुलिस को चाहिए कि वे अभी अपनी कार्यप्रणाली में संशोधन करें और मंदिरों जैसे पवित्र स्थानों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाएं।
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शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे तो घंटों का गायब होना देखकर दंग रह गए।
सूचना पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की।
मंदिर के पुजारी चंद्रभूषण मिश्रा पुत्र दया शंकर मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी कर माल बरामद किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और सजगता बनाए रखें।
गांव-समाज का हर व्यक्ति सतर्क होकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें।
जब-जब धर्मस्थलों पर आघात होता है, तब-तब समाज को एकजुट होकर अपनी आस्था और विरासत की रक्षा करनी होती है।
बड़े सवाल
आखिर धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
क्या मंदिरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ठोस इंतज़ाम करेगा?
क्या ग्रामीण चौकसी बढ़ाकर ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है?

