
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।उन्नाव में मंगलवार शाम आई बारिश एक परिवार के लिए काल बनकर आई। गांधी नगर निवासी अरुण श्रीवास्तव की 6 वर्षीय बेटी नयना की घर का पुराना छज्जा गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब मासूम नयना कमरे से बाहर पानी पीने निकली थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही नयना बाहर आई, मकान का जर्जर छज्जा भरभराकर गिर पड़ा और वह मलबे के नीचे दब गई। परिवार व पड़ोसियों ने तुरंत उसे बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अरुण श्रीवास्तव का मकान लगभग 40 साल पुराना था और वर्षों से उसमें कोई मरम्मत नहीं कराई गई थी। लगातार बारिश से दीवारें और छज्जा कमजोर हो चुके थे।
हादसे की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी, लेखपाल अशोक सैनी और गंगाघाट कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और आपदा राहत नियमों के अंतर्गत आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
मोहल्ले में गहरा शोक
नयना की मौत से पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय निवासी संजय वर्मा ने बताया, “नयना बहुत होनहार और चंचल बच्ची थी। उसे देखकर हर कोई मुस्कुरा देता था। उसकी असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया है।”
घटना के बाद से नयना की मां प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता अरुण गहरे सदमे में हैं। मोहल्ले के लोग परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं, लेकिन मासूम की मौत का ग़म हर किसी की आंखों में साफ झलक रहा है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि जर्जर मकानों की समय रहते मरम्मत न होना कैसे जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने इस दिशा में कदम उठाने की बात कही है।

