
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव जिले के सहजनी रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार को एक बड़ा अवरोध उत्पन्न हो गया, जब एक भारी डंपर अचानक तकनीकी खराबी के कारण रेलवे ट्रैक पर फंस गया। यह घटना उस समय हुई जब डंपर रेलवे क्रॉसिंग पार कर रहा था, और पहले से ही एक अन्य खराब डंपर के कारण वहां ट्रैफिक की स्थिति पहले ही अस्त-व्यस्त थी। जैसे ही दूसरा डंपर भी बीच ट्रैक पर अटक गया, रेल संचालन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे लखनऊ-कानपुर रेल रूट की अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी।
घटना की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर तैनात रेलवे कर्मियों ने बिना देरी किए इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। तत्परता दिखाते हुए अधिकारियों ने लखनऊ-झांसी पैसेंजर और रायबरेली की ओर जाने वाली ट्रेन समेत चार ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेलगाड़ियों को अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया। इस आपात कदम से किसी बड़े हादसे की आशंका को समय रहते टाल दिया गया।
रेलवे प्रशासन की ओर से राहत कार्य भी तत्काल शुरू कर दिया गया। भारी वाहनों के कारण पहले से बाधित ट्रैक को क्लियर कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे इंजीनियरिंग टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और डंपर को हटाने का प्रयास शुरू हुआ, लेकिन डंपर की भारी संरचना और फंसे होने की स्थिति को देखते हुए ट्रैक को तुरंत पूरी तरह से खाली नहीं किया जा सका। करीब आधे घंटे तक रेलवे संचालन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को ट्रेनों में बैठे-बैठे लंबा इंतजार करना पड़ा।
लखनऊ कंट्रोल रूम ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिया कि ट्रैक को शीघ्रातिशीघ्र खाली कराया जाए। लगभग 30 मिनट की कोशिशों के बाद रेलमार्ग को आंशिक रूप से चालू किया जा सका। इसके बाद ट्रेनों को सावधानीपूर्वक 4-5 मिनट की देरी से गुजारा गया। देर शाम तक स्थिति सामान्य कर दी गई, हालांकि इस बीच यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
यह घटना रेलवे प्रशासन की आपात स्थितियों से निपटने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि रेलवे क्रॉसिंग पर भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही किस प्रकार बड़े खतरे का कारण बन सकती है। यदि समय रहते रेलवे कर्मचारी सतर्कता न दिखाते, तो यह एक बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकता था। प्रशासन को इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सख्त निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और तकनीकी संसाधनों को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।



