अंबेडकरनगर।
जनपद अंबेडकर नगर का जिला अस्पताल मरीजों की परेशानी का दूसरा नाम बन गया है। हालत यह है कि यहां अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को 8-10 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भी वक्त पर जांच नहीं मिल पा रही। इसके चलते हजारों मरीज प्राइवेट सेंटरों पर महंगे दाम चुकाकर लुटने को मजबूर हैं।आश्चर्य की बात यह है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद है, तकनीकी स्टाफ भी है, फिर भी जांच के लिए 10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा हैं। नवागत प्रभारी सीएमएस पूरे मामले से बेफिक्र हैं, मरीजों की लाइनें बढ़ रही हैं, पर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।आखिर कौन है इस लापरवाही का जिम्मेदार? क्या स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों की आंखें बंद हैं? क्या गरीब जनता का इलाज अब भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है? सवाल यह भी है कि जब सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो लोग आखिर जाएंगे कहां?सरकार भले ही व्यवस्था सुधारने के दावे करे, लेकिन जिला अस्पताल की हकीकत जिम्मेदारों की नींद तोड़ने के लिए काफी है। सवाल ये है कि क्या अब भी कोई जवाबदेह होगा?



