
लखनऊ | हाल ही में 7 व 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश एनसीसी (NCC) के ‘ANO चयन बोर्ड’ के सदस्य के रूप में सेवा देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के दौरान उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय (लखनऊ) के मुख्य अधिकारी/एडीजी मेजर जनरल गौरव गौतम जी से शिष्टाचार मुलाकात करने का एक अत्यंत गरिमामयी अवसर मिला।
जनरल साहब से हुई यह मुलाकात न केवल मेरे लिए सम्मान की बात थी, बल्कि एनसीसी और कैडेट्स के भविष्य को लेकर उनके दूरदर्शी विचारों ने मुझे गहराई से प्रेरित किया। एडीजी से शिष्टाचार भेंट के बाद एनसीसी को और प्रभावी बनाने के लिए उनके दूरगामी विचार को एनसीसी ऑफिसर एवं प्रधानाचार्य स. विरेंद्र सिंह ने स्वयं अपने शब्दों में बयां किया |
मुलाकात के मुख्य अंश और एडीजी का विजन:
एएनओ (ANO) से सीधा संवाद:
एडीजी का मानना है कि सभी बटालियनों के सम्मानित एएनओ (ANO) से मिलकर ही जमीनी स्तर पर एनसीसी का वास्तविक विकास किया जा सकता है।
निराशा को उत्साह में बदलना:
अक्सर सेना या आर्म्ड पुलिस में चयन न होने पर कैडेट्स निराश होकर खुद को बेरोजगार महसूस करने लगते हैं। जनरल साहब इस सोच को बदलना चाहते हैं।
स्टार्ट-अप और स्किल विकास’ प्लेटफॉर्म:
कैडेट्स के मन में निराशा की जगह आत्मनिर्भरता और उत्साह भरने के लिए वे जल्द ही एक बेहतरीन रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश की सभी बटालियनों के एएनओ से संपर्क साधकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा जिससे कैडेट्स रोजगार और कौशल के नए अवसरों से जुड़ सकें।
एडीजी का यह विजन हमारे कैडेट्स को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि वे उत्तर प्रदेश और पूरे भारतवर्ष का नाम रोशन करेंगे। इस चयन बोर्ड का हिस्सा बनना और उनसे ऐसा मार्गदर्शन मिलना मेरे लिए एक बेहद विशेष और अविस्मरणीय पल है।
