सुलतानपुर।।तहसील मुख्यालय बल्दीराय स्थित स्थानीय कस्बे में मुसाफिरखाना-देवरा मार्ग के थाना मोड़ पर बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत पटैला की सरकारी भूमि पर एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा वर्षों से कब्जा कर निर्माण कर लिया गया है, जबकि राजस्व विभाग इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय मौन बना हुआ है। अवैध कब्जा हटवाने में तहसील बल्दीराय के जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है

प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मुख्यालय बल्दीराय में ग्राम पंचायत पटैला की गाटा संख्या 263 (नवीन परती ) (क) तथा गाटा संख्या 264 (कृषि योग्य बंजर) भूमि पर एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा आवासीय निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। यह भूमि तहसील मुख्यालय के प्रमुख मार्ग पर स्थित होने के कारण काफी मूल्यवान मानी जाती है।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता अमरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में मामले की जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि पर निजी कब्जा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तहसील मुख्यालय पर स्थित इस भूमि पर लंबे समय से कब्जा होने के बावजूद राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने राजस्व विभाग की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा कि यदि जल्द ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो वह मामले को उच्च न्यायालय में उठाने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे।
फिलहाल मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


