लखनऊ: 24 जून, 2026
राज्य सूचना आयोग, उत्तर प्रदेश में माननीय राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दायर एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया है।
प्रकरण में शिकायतकर्ता कुलदीप कुमार चतुर्वेदी द्वारा दिनांक 24.06.2022 को कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, औरैया में सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अभिलेखों के परीक्षण से यह तथ्य प्रकाश में आया कि संबंधित जनसूचना अधिकारी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तथा लगभग एक वर्ष के विलम्ब से दिनांक 26.07.2023 को सूचना प्रदान की गई।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि विलम्ब के संबंध में संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। आयोग द्वारा धारा-20 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर अनेक अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद विलम्ब के कारणों का समुचित उत्तर नहीं दिया गया। साथ ही, उपलब्ध कराई गई सूचना में धारा 8(1) का अनुचित एवं असंगत आधार अपनाए जाने को भी आयोग ने गंभीरता से लिया।
आयोग ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि सूचना के अधिकार अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है तथा सूचना उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलम्ब एवं भ्रामक सूचना प्रदान किया जाना अधिनियम की भावना के विपरीत है।
उक्त परिस्थितियों में आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-20(1) के अंतर्गत तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, औरैया जी.एस. राजपूत (वर्तमान में प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, औरैया), तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, औरैया अनिल कुमार (वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज) तथा वर्तमान जनसूचना अधिकारी/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, औरैया संजीव कुमार पर संयुक्त रूप से ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये मात्र) का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
आयोग ने निर्देशित किया है कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि तीनों अधिकारियों के वेतन से समान रूप से, अर्थात प्रत्येक से एक-तिहाई भाग, वसूल की जाए। साथ ही, आदेश की प्रति जिलाधिकारी, औरैया एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग द्वारा अर्थदण्ड अधिरोपित किए जाने के उपरांत शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है तथा नियमानुसार वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

