
फतेहपुर ।।जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया, जिसमें जिले के पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता को लेकर व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने गंगा के तटों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि गंगा घाटों पर गंदगी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छता अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) पर विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले कूड़े का वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण किया जाए ताकि पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके। इसके साथ ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट (बायो-मेडिकल वेस्ट) के अनुचित निस्तारण पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कड़े कदम उठाने के आदेश दिए गए। अस्पताल संचालकों को हिदायत दी गई कि वे बायो-मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ई-वेस्ट प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के एजेंडे पर भी गहन मंथन हुआ। प्रशासन ने कहा कि आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ ई-कचरे का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए इसके संग्रहण और पुनर्चक्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरे सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध को और अधिक सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। बाजारों में औचक निरीक्षण करने और प्लास्टिक का उपयोग करने वाले दुकानदारों एवं संस्थाओं पर जुर्माना लगाने के लिए प्रवर्तन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। बैठक में अंत में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पर्यावरण और गंगा स्वच्छता से जुड़े इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में किए गए कार्यों की भौतिक समीक्षा की जाएगी।


