
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव। जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक भाई ने ही अपनी सगी बहन के सुहाग को उजाड़ कर उसे मौत के घाट उतार दिया। रिश्तों को कलंकित करने वाली इस घटना में आरोपी भाई ने न केवल हत्या की, बल्कि पुलिस की जांच भटकाने के लिए फिल्मी अंदाज में अपहरण और लूट की झूठी साजिश भी रची। हालांकि, खाकी के तीखे सवालों और तकनीकी साक्ष्यों के आगे कातिल भाई का झूठ ज्यादा देर टिक नहीं सका और पुलिस ने चंद घंटों में ही मामले का पर्दाफाश कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना बुधवार की है, जब आरोपी अजय पुत्र रामनरेश अपनी शादीशुदा बहन उमा कांति को उसकी ससुराल से अपने ई-रिक्शा पर बैठाकर मायके ला रहा था। उमा कांति की शादी अभी महज दो महीने पहले, 30 नवंबर 2025 को हुई थी। रास्ते में आरोपी अजय ने अपनी ही बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पुरवा थाना क्षेत्र के एक सुनसान जंगली इलाके में फेंक दिया।
शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी घर पहुंचा और बदहवास होने का नाटक करते हुए परिजनों को बताया कि रास्ते में दो अज्ञात बदमाशों ने उसे रोका, उस पर कोई नशीला पदार्थ छिड़का और उसकी बहन का अपहरण कर सामान लूट ले गए।
पुलिस को ऐसे हुआ शक
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 18 फरवरी 2026 को डायल 112 और दही थाना पुलिस को अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन शुरुआती तफ्तीश में ही पुलिस को अजय की कहानी में झोल नजर आने लगा।
पुलिस को सबसे बड़ा संदेह इस बात पर हुआ कि अगर बदमाशों ने हमला किया और नशीला पदार्थ छिड़का, तो अजय पूरी तरह सुरक्षित कैसे रहा और वह ई-रिक्शा लेकर अकेले घर कैसे पहुंच गया? साथ ही घटनास्थल पर सामान का बिखराव भी स्वाभाविक नहीं लग रहा था।
