
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हो रहे लगातार हादसों के मद्देनजर, यात्री वाहनों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अब कड़े कदम उठाए गए हैं। इन कदमों में बिना रिफ्लेक्टिव टेप के भारी वाहनों को टोल पार करने से रोकने और सीट बेल्ट न पहनने तथा बिना हेलमेट के वाहन चलाने वाले लोगों पर कड़ी पाबंदी लगाई गई है।
रिफ्लेक्टिव टेप की अनिवार्यता
सर्दी और घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। वाहन के रिफ्लेक्टिव टेप से चालक को अन्य वाहनों का सही अनुमान हो पाता है और टकराव से बचा जा सकता है। यही कारण है कि अब भारी वाहनों के लिए रिफ्लेक्टिव टेप लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यूपीडा के मुख्य सुरक्षाधिकारी, रमेश चंद्र दुबे ने बताया कि यह नियम विशेष रूप से ट्रक, ट्रेलर, बस, ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के लिए लागू होगा। हालांकि निजी कारों और एसयूवी चालकों को भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की सलाह दी गई है।
नियमों की जानकारी के लिए पीए सिस्टम की स्थापना
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के सभी 17 टोल प्लाजा पर जल्द ही पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम लगाया जाएगा। इसके जरिए वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग की सलाह दी जाएगी।
अस्थायी काउंटर और जुर्माना
यदि वाहन पर रिफ्लेक्टिव टेप नहीं पाया जाता या वह पुराना होता है, तो पहले मौके पर उसे समझाया जाएगा और वाहन को जाने दिया जाएगा। लेकिन यदि वही वाहन बिना रिफ्लेक्टिव टेप के फिर से टोल पार करने का प्रयास करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा या फिर उसे एक्सप्रेसवे में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, टोल प्लाजा पर अस्थायी काउंटर भी बनाए जा रहे हैं, जहां वाहन चालकों को कम शुल्क पर रिफ्लेक्टिव टेप उपलब्ध कराया जाएगा।
यात्रियों से अपील
रमेश चंद्र दुबे ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में रिफ्लेक्टिव टेप जरूर लगवाएं, ताकि कोहरे में होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम सड़क पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए लिया गया है और सभी को इसका पालन करना चाहिए।
कोहरे में गति सीमा का पालन
सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए एक्सप्रेसवे पर गति सीमा निर्धारित की गई है। जो वाहन निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलेंगे, उनका चालान किया जाएगा।
यह कदम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



