
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।
त्योहारों की रौनक में मिठास घोलने की जगह मिलावट घोलने वालों पर अब प्रशासन का शिकंजा कस गया है। दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने जिले में एक बड़ी कार्रवाई कर दी है, जिससे मिलावटखोरों में भगदड़ मच गई। बांगरमऊ तहसील क्षेत्र के भडसर नौसारा फतेहपुर चौरासी गांव में छापा मारकर टीम ने नकली खोया, पनीर और मिठाई बनाने वाले एक कारखाने का भंडाफोड़ किया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से करीब 290 किलो खोया, 90 किलो मिठाई और 10 किलो पनीर को खराब गुणवत्ता और संदिग्ध मिश्रण के कारण नष्ट करा दिया। अनुमान है कि नष्ट की गई सामग्री की कीमत लगभग एक लाख रुपये है। खाद्य निरीक्षकों ने वहां से चार नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे हैं ताकि जांच में यह स्पष्ट हो सके कि लोगों की थाली में कितनी मिलावट परोसी जा रही थी।
जांच के दौरान छापेमारी टीम ने पाया कि इकाई बेहद अस्वच्छ हालात में चल रही थी। निर्माण स्थल पर गंदगी, बदबू और मक्खियों का अंबार था। इतना ही नहीं, प्रतिष्ठान संचालक ने गलत श्रेणी का लाइसेंस लेकर कारोबार शुरू किया था और बिना किसी मानक के खोया व पनीर तैयार किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दीपावली के अवसर पर जिलेभर में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 57 नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जिनमें से कई मामलों में कार्रवाई की तैयारी है। करीब 17 लाख रुपये की खाद्य सामग्री को जब्त किया गया है और लगभग 8 लाख रुपये की मिलावटी सामग्री को नष्ट कराया गया है।
विभाग का फोकस इस बार केवल बाजार या मिठाई की दुकानों तक सीमित नहीं है। अधिकारी सीधे उन ठिकानों तक पहुँच रहे हैं जहाँ मिलावट की जड़ें पनपती हैं — यानी खोया और दूध उत्पाद बनाने वाली इकाइयाँ, भट्टियाँ और अवैध डेयरियाँ।अधिकारियों ने साफ कहा है कि “इस बार दीपावली पर किसी भी कीमत पर मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिन लोगों ने त्योहार के नाम पर जनता की सेहत से खिलवाड़ किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। खाद्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद जिले के मिठाई कारोबारियों और डेयरी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई जगहों पर खुद व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों की सफाई और गुणवत्ता जांच में जुट गए हैं। दीपावली से पहले हुई यह बड़ी छापेमारी प्रशासन की उस सख्त मंशा का सबूत है कि इस बार त्यौहार की मिठास “शुद्ध” ही होगी — मिलावट की जगह अब ईमानदारी घुलेगी।

