
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।शनिवार को महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जिला कारागार, उन्नाव का प्रातःकाल विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षक दौरान महिला बैरक, पाकशाला, अस्पताल वार्ड, उच्च सुरक्षा बैरक, लाइब्रेरी एवं अन्य अहातों का सधन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के सम्बंध में रेखा बनाम उ०प्र० राज्य में उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पास्ति निर्णय/दिये गये दिशा निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी की गयी। इस सम्बन्ध में बताया गया कि महिला बंदियों के साथ रह रहे 04 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके 02 बच्चों का दाखिला स्थानीय स्कूल में कराया गया है। महानिदेशक द्वारा महिला बंदियों के बच्चों को फल एवं वस्त्र वितरित किये गये। उनके द्वारा पाकशाला में तैयार किये जा रहे भोजन की गुणवत्ता को परखने हेतु भोजन को चख कर चेक किया गया। बंदियों को देय सुविधाओं यथा सरकारी वकील, अपील एवं मुलाकात व अन्य समस्याओं के सम्बंध में जानकारी की गयी तथा उनके निराकरण हेतु कारागार अधिकारियों को निर्देश दिये गये। कारागार में स्थापित बंदी दरी एवं सिलाई उद्योग के सम्बन्ध में जानकारी की गयी, कारागार अधीक्षक द्वारा बताया गया कि औसतन 150, बंदी दरी एवं 400 बंदी वस्त्रों का मासिक उत्पादन किया जाता है। उनके द्वारा निर्माण सम्बन्धी कार्यों का प्रस्ताव कारागार मुख्यालय प्रेषित किये जाने के निर्देश दियें गये। इस दौरान पुलिस महानिदेशक द्वारा कारागार में वृक्षारोपण भी किया गया। उनके द्वारा कारागार की सफाई व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एव भोजन, चिकित्सीय व्यवस्था के सम्बन्ध में संतोष व्यक्त किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान पंकज कुमार सिंह, जेल अधीक्षक एवं राजेश कुमार, जेलर, कृष्ण मोहन, चंद्र. जेलर, डा० आनंद सोनकर व डा० यू०सी० सचान, चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शनिवार को महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जिला कारागार, उन्नाव का प्रातःकाल विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षक दौरान महिला बैरक, पाकशाला, अस्पताल वार्ड, उच्च सुरक्षा बैरक, लाइब्रेरी एवं अन्य अहातों का सधन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के सम्बंध में रेखा बनाम उ०प्र० राज्य में उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पास्ति निर्णय/दिये गये दिशा निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी की गयी। इस सम्बन्ध में बताया गया कि महिला बंदियों के साथ रह रहे 04 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके 02 बच्चों का दाखिला स्थानीय स्कूल में कराया गया है। महानिदेशक द्वारा महिला बंदियों के बच्चों को फल एवं वस्त्र वितरित किये गये। उनके द्वारा पाकशाला में तैयार किये जा रहे भोजन की गुणवत्ता को परखने हेतु भोजन को चख कर चेक किया गया। बंदियों को देय सुविधाओं यथा सरकारी वकील, अपील एवं मुलाकात व अन्य समस्याओं के सम्बंध में जानकारी की गयी तथा उनके निराकरण हेतु कारागार अधिकारियों को निर्देश दिये गये। कारागार में स्थापित बंदी दरी एवं सिलाई उद्योग के सम्बन्ध में जानकारी की गयी, कारागार अधीक्षक द्वारा बताया गया कि औसतन 150, बंदी दरी एवं 400 बंदी वस्त्रों का मासिक उत्पादन किया जाता है। उनके द्वारा निर्माण सम्बन्धी कार्यों का प्रस्ताव कारागार मुख्यालय प्रेषित किये जाने के निर्देश दियें गये। इस दौरान पुलिस महानिदेशक द्वारा कारागार में वृक्षारोपण भी किया गया। उनके द्वारा कारागार की सफाई व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एव भोजन, चिकित्सीय व्यवस्था के सम्बन्ध में संतोष व्यक्त किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान पंकज कुमार सिंह, जेल अधीक्षक एवं राजेश कुमार, जेलर, कृष्ण मोहन, चंद्र. जेलर, डा० आनंद सोनकर व डा० यू०सी० सचान, चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



