
एम आर एस पी सेवा समिति के संयोजक पी के पत्रा के अथक प्रयासों से गोवंश नंदी को कान्हा उपवन पहुंचाया गया
लखनऊ – मानव समाज को शर्मसार करने वाला यह घटना दृश्य सामने आया, जोकि एक पशु क्रूरता को दर्शाता है। आपको बताये घटना ग्राम कुरौंनी, बंथरा, लखनऊ का है। हिन्दू समाज मे, हिंदू आस्था में भगवान भोले नाथ, भगवान शंकर का नाम कौन नही जानता, समस्त शिव मंदिर के सामने एक नंदी महाराज जी का भी मंदिर होता है, जिसके कान में आप अपनी मनोकामन पूर्ति के लिए भगवान शिव तक अपनी मनोकामना पहुंचने के लिए बोलते या प्रार्थना करते है। लेकिन अब इस एक जीवित नन्दी महाराज को , अब जिसने भी इनको मारा है चोट पहुँचाया हैं, जख्मी किया है, उसके लिए नंदी महाराज भगवान शिव शंकर से शिकायत तो जरूर ही करेंगे और देखना उस क्रूर व्यक्ति के साथ इससे भी बुरा होगा और जरूर होगा। लेकिन अफसोस इस समाज में, गाँव मे लोग जानवरों को पालते हैं निजि स्वार्थ के लिये। उसके बाद जानवरों को खुला छोड़ देते हैं, कोई देखभाल तक नही करता। क्योंकि देखभाल के लिये सरकार तो है सब सेवा फ्री में सरकार या एन जी ओ करेगी। कितना स्वार्थी हो गया है हमारा ये समाज जहाँ पे सरकार से फ्री में राशन, मकान, दवा, शिक्षा, आदि मिल जाती है। लेकिन सरकार ने भी फ्री वितरण सेवा आदि देकर लोगों को एक प्रकार से अपाहिज कर रखा है। लोगो मे दया, सेवा भाव भी लुप्त होती जा रही है, लेकिन इस के बाद भी कुछ लोग हैं जो अपने कर्तव्यों से सेवा भाव से पीछे नही हटते हैं, जिसमे एक नाम दीपक पाल का भी है। जिसने इस घायल,जख्मी नन्दी को जख्मी हाल में देखा तो न जाने कितने लोगों से मदद मांगी, लेकिन कोई सहयोग नही मिला, हमसे भी मांगी तो हमारे सुझाव के अनुसार दीपक लगातार तीन दिन तक इस नन्दी के उपचार के लिये नगर निगम टोलफ्री नम्बर में सूचना दी, लेकिन नगर निगम ने ग्रामीण क्षेत्र बता कर पल्ला झाड़ लिया, और आने से मना कर दिया। इसके बाद पशु प्रेमी शिल्पा चौधरी से बात किया, तो उन्होंने कभी मीटिंग में हु कह कर एक दिन टल गया, इसके बाद पशु प्रेमी सांसद मेनका गांधी से भी बात की, जिनके कहने पर मुख्य पशु चिकित्सक ( सीवीओ) डॉ सुरेश कुमार वर्मा के द्वारा भी कोई मदद नही मिली, तो फिर ग्राम प्रधान सन्तोष यादव और दीपक ने पंचायत भवन के टोलफ्री नम्बर पे शिकायत दर्ज किया, जिसके बाद बीडीओ शेलेन्द्र कुमार तथा पंचायत सचिव रेखा सिंह के सामने आने पर, बंथरा के पशु चिकित्सक टीम ने आकर इस नन्दी का प्राथमिक उपचार करते हुए, नन्दी को बेहोश कर ट्रेक्टर के द्वारा कान्हा उपवन, नादरगंज, लखनऊ में भेजा गया। इस कार्य मे दीपक पाल के साथ शम्भू दयाल, धर्मेन्द्र रावत, विशाल प्रजापति, सतीश यादव आदि रहे। चूंकि नन्दी महाराज के पेट से आंते बाहर निकली थी जिसमे कीड़े अत्यधिक होने के कारण बदबूदार जख्म हो गया था, गाँव मे, जिस मार्ग से निकलता तो बदबू फैल जाती थी, इसलिये कोई चारा पानी भी नही देता था, हमारे कहने पर दीपक ने चारा पानी की व्यवस्था किया था तीन दिन बाद जिसके बाद ग्राम प्रधान संतोष यादव जी द्वारा नंदी (सांड) को कान्हा उपवन भेजा गया उपचार के लिये ।
अब सवाल ये बनता हैं कि ग्रामीण आंचल में किसी बीमार, जख्मी, गाय, भैस, नन्दी को कैसे पशु चिकित्सा दी जाए ? नगर निगम के पास सभी साधन ( हाइड्रोलिक ट्रक, मेन पावर, उपकरण) स्थान उपलब्ध रहते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सुविधाओं की कमियां सदा रहती हैं। एन जी ओ के पास जमीन सरकार द्वारा लीज पे नही मिलती। क्योंकि सभी जगहों पे भ्र्ष्टाचार जो फैला है।



