
सुलतानपुर। जनपद में अभी 31मार्च को सुलतानपुर सीएमओ रहे डॉ. ओपी चौधरी के स्थानांतरण के बाद जिले में सात अप्रैल 2025 को नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण की तैनाती सुलतानपुर जिले में हुई है। इसके बाद से सीएमओ डॉ. भारत भूषण ने गिरगिट की भांति अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है। यही नहीं जनपद में सीएचसी और पीएचसी का औचक निरीक्षक कर अपनी धमक का आगाज करते हुए अपना पैतरा दिखाना शुरू कर दिया है। इसका उदाहरण यह है कि हाई कोर्ट द्वारा जारी स्थगन आदेश के बावजूद उन्होंने कथित तौर पर अपनी पसंदीदा फर्म को ठेका दिलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया। जबकि बताया जा रहा है कि मोटी रकम यानी (कमीशनखोरी) को लेकर यह सब एक विशेष फर्म को लाभ पहुँचाने के लिए जल्दबाज़ी में किया गया है। जिससे विभागीय पारदर्शिता और न्यायिक आदेशों की अवहेलना का बड़ा मामला सामने आया है। वही सूत्रों के अनुसार, हाई कोर्ट के विद्वान जज राजन राय एवं ओम प्रकाश शुक्ला ने केस संख्या 4370/ 2025 एक याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद भी सीएमओ डॉ. भारत भूषण ने कोर्ट के आदेशों को नजर अंदाज करते हुए टेंडर खोलने की प्रक्रिया जारी रखी और कथित रूप से साठ-गांठ के जरिए अपने करीबी ठेकेदार को अनुबंध दिलाने के लिए स्थगन आदेश को नजरअंदाज कर दिया। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप और जांच की आवश्यकता है। ताकि न्यायिक आदेशों की गरिमा बनी रहे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। सीएमओ डॉ. भारत भूषण की यह करतूत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की सामाजिक रूप से जमकर छीछालेदर शुरू हो गई है। फिलहाल इस प्रकरण पर जिम्मेदार उच्चाधिकारी भी अभी मौन धारण कर रखा है।



