
नगर संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।लोडर में किस तरह भूसे की तरह से मानकों के विपरीत भैंसे लदी है आप तस्वीरों में देख सकते है।
बीते शुक्रवार को आरटीओ ऑफिस के निकट हुसैन नगर चौराहे हुए एक दुर्घटना में स्लाटर हाऊसों की पोल खुल गई।
जिम्मेदार कौन है आखिर जो खुलेआम मानकों को ताक पर रखकर दुधारू पशुओं को लेकर स्लाटर हाउस ले जाते है और जिम्मेदार अधिकारी मौन व्रत धारण किए रहते है।
सड़क हादसे के बाद ड्राइवर ने बताया कि मास एग्रो में कालू नामक ठेकेदार के कहने पर वह मानकों को ताक पर रखकर भैंस कानपुर के चकेरी से लेकर उन्नाव मास एग्रो फैक्ट्री लेकर जा रहा था। जब ड्राइवर से पूछा गया कि कितने जानवरों की परमिशन है तो ड्राइवर ने कहा कि कालू भईया और मैनेजर ( मास एग्रो) की सब सेटिंग है इसलिए हम लोग 6 भैंस लेकर जा रहे थे।सूत्रो की माने तो प्रतिदिन मानकों के विपरीत भैंसे जाती है। खुलेआम योगी सरकार में स्लाटर हाऊसों की मनमानी जारी है।

फोटो में आप देख सकते हैं की दुर्घटना के बाद पशु क्रूरता अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए दुधारू पशुओं को लोडर से किस तरह से घसीटा जा रहा है, यह वही दुधारू पशु है जो स्लाटर हाउस कटने के लिए जा रहे थे। और हमारा पशुपालन विभाग ऐसे पशुओ को फिट करके अपनी रिपोर्ट प्रेषित करते हैं। सूत्रो की माने तो अनफिट को फिट करना यह पशुपालन विभाग को बखूबी आता है लग्जरी गाड़ियों से आने वाले पैकेट के आगे पशुपालन विभाग भी नतमस्तक है, साहब को अनफिट की जगह फिट करना ही होगा रोज का काम है नियम कानून तो सिर्फ कागजों पर ही अच्छे लगते है।

अब सीधे शब्दों में कहां जाए यही राम राज्य हैं जहां सूबे के मुखिया के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती है और मानकों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियों में मानकों को ताक पर रखकर लोडर में दुधारू पशुओं को ले जाकर स्लॉटरहाउस यह संदेश देना चाहते हैं नियम कानून सिर्फ कागजों में ही अच्छे लगते हैं।
मानकों को ताक पर रखकर खुलेआम धज्जियां उड़ा कर दुधारू पशुओं को स्लॉटरहाउस ले जाया जाता है कार्यवाही तो दूर जिम्मेदार मौन ही रहेंगे क्योंकि……… सब सेटिंग है और क्रम चलता रहेगा ………..नियम कानून सब कागजों पर ही अच्छे लगते है। लोडर के ड्राइवर ने कुछ गलत नहीं बोला उसने जो कहा सही कहा मास एग्रो फैक्ट्री के मैनेजर साहब और ठेकेदार कालु भैया की तगड़ी सेटिंग है कुछ नहीं होगा हमारा रोज का काम है। ……

