
दिनांक 28.12.24 को लखनऊ बंथरा सिकंदरपुर निवासी सतीश चंद प्राचार्य जे. एल. एन. इंटर कालेज, काका, उन्नाव को प्रातः करीब 9.30 /10 बजे एक अनजान फोन मुंबई से आया, अपने के ईड़ी अधिकारी बताया, तथा सतीश चंद्र के आधारकार्ड को मनी लॉन्ड्रिंग में लगा , बता कर इनकोआरोपी बताया तथा रुम से न निकलने का सुझाव दे कर वीडियो कॉल से रूम एरेस्ट कर दिया, साथ ही साथ धमकी दिया कि पत्नी या किसी अन्य से बात तक न करे, न ही इस कॉल के बारे में बताए, वरना आपके ऊपर एफ आई आर लिख कर मुकदमा दर्ज हो जाएगा। इसके बाद सतीश चंद्र रुम में बंद हो गए। रूम एरेस्ट हो गए।
जबकि सतीश को अपने बच्चों के लिय नया आधार कार्ड बनाने के लिय 10.30 बजे हजरतगंज तक प्रदीप कुमार पात्रा , जानेमाने समाज सेवक पशु कल्याण अधिकारी, के साथ जाना था, इस कारण पड़ोसी प्रदीप पात्रा के बार बार फोन करने पर सतीश द्वारा फोन काटने पर , गुस्से से पात्रा उनके घर 11.30 बजे गए तो पता चला इस बारे में, प्रदीप पात्रा ने तुरंत 1930 तथा 112 को फोन किया, 112 द्वारा फोन पर इस सूचना को देकर, पुलिस को बुलाया। 112 पुलिस से पी आर वी 4838 में हेड कास्टेबिल अनिल कुमार यादव, कास्टेबिल सुबोध कुमार तथा चंद्र प्रकाश यादव आए तथा मामले को समझा, फिर सतीश जिस कमरे में बंद थे, दरवाजा खुलवाया, फोन को बंद करवाया। तब जा कर सतीश तथा कुसुम(पत्नी) ने राहत की सांस ली। गनिमत रही की सतीश के द्वारा कोई पैसा का भुगतान नहीं हुआ, जबकि अनजाने फोनकर्ता ने ब्रेनवास करने का काफी प्रयास कर रहा था तथा मानसिक दबाव डाल रखा था। कमरे से निकलने के बाद भी इनकी मानसिक स्थिति ठीक न थी। इनकी हालत ये थी कि सतीश चंद, अपना मोबाइल नंबर भी ठीक से बता न सके थे।
प्रदीप पात्रा ने बताया कि साइबर कंट्रोल रूम 1930 पर भी कई बार 1930 पे फोन सूचना देना चाहा, तो जवाब में कॉल करने के लिय धन्यवाद का रिकॉर्ड ही चलता रहा, अभी तक 1930 से कोई फोन नहीं आया ।




